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क्यों दिख रही है रोल्टा में 15% की तेजी

रोल्टा के मुताबिक फील्ड मैनेजमेंट सिस्टम का प्रोटोटाइप तैयार होने में 2 साल लगेगा फिर उसके बाद ऑर्डर मिलने शुरू हो जाएंगे।
अपडेटेड Feb 27, 2015 पर 10:53  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

भारतीय कंपनियों के दो कंसोर्टियम को डिफेंस मिनिस्ट्री के बैटल फील्ड मैनेजमेंट सिस्टम के विकास के लिए डेवलपमेंट एजेंसी के रुप में चुना गया है। जिसमें से एक कंसोर्टियम सरकारी कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लि. और प्राइवेट कंपनी रोल्टा इंडिया लि. का होगा। और दूसरा कंसोर्टियम लार्सन एंड ट्यू्ब्रो और टाटा पावर का होगा। इस प्रोजेक्ट पर 50,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इस खबर के बाद आज रोल्टा के शेयरों में 15 फीसदी की तेजी देखने को मिल रही है।


रोल्टा इंडिया के सीएमडी कमल सिंह ने कहा कि इस बैटल फील्ड मैनेजमेंट सिस्टम का प्रोटोटाइप तैयार होने में 2 साल लगेगा फिर उसके बाद ऑर्डर मिलने शुरू हो जाएंगे।


कमल सिंह के मुताबिक इस बैटल फील्ड मैनेजमेंट सिस्टम के विकास के लिए उन कंपनियों को चुना गया है जिनको इस क्षेत्र का अनुभव था। इन कंसोर्टियम्स को इस ऑर्डर के लिए एक एसपीवी बनाना होगा। शुरुआती 5 साल में हर साल 2500 करोड़ रेवेन्यू मिलता रहेगा। इस ऑर्डर से 25 साल तक आमदनी होती रहेगी।


कमल सिंह ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के लिए अगली बैठक 4 मार्च को होगी। कहा कि उम्मीद है कि सरकार मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने के लिए ड्यूटी और और टैक्स में राहत देगी। कमल सिंह ने कहा कि अनुमान है कि 2017-18 से इस ऑर्डर से आय आनी शुरू हो जाएगी।


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