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एम्फी के फैसले से म्युचुअल फंड इंडस्ट्री नाराज

म्युचुअल फंड इंडस्ट्री का अपनी एसोसिएशन एम्फी से झगड़ा बढ़ता ही जा रहा है।
अपडेटेड Mar 27, 2015 पर 09:14  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

म्युचुअल फंड इंडस्ट्री का अपनी एसोसिएशन एम्फी से झगड़ा बढ़ता ही जा रहा है। दरअसल, एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड ऑफ इंडिया यानि एम्फी ने डिस्ट्रीब्यूटरों को म्युचुअल फंड स्कीम बेचने के एवज में दी जाने वाली फीस की सीमा 1 फीसदी तय करने के आदेश दिए हैं।


1 अप्रैल से ये फीस लागू होनी है। लेकिन म्युचुअल फंड कंपनियां एम्फी के इस आदेश से खुश नहीं हैं। हालांकि कंपनियां मानती हैं कि सीमा तय करने का एसोसिएशन का विचार अच्छा है। लेकिन 1 फीसदी सीमा की बात को वो गलत और मनमाना बता रही हैं।


चेन्नई की कंपनी सुंदरम म्युचुअल फंड ने एसोसिएशन की इस सीमा को मानने से इंकार कर दिया है। कंपनियों का मानना है कि एम्फी का ये फैसला एकतरफा है और इससे सिर्फ बड़े बैंकों और डिस्ट्रीब्यूटरों को फायदा होगा। दरअसल सेबी की नाराजगी के बाद एम्फी डिस्ट्रीब्यूटरों की फीस तय करने का कदम उठाया है। सेबी ने कहा था कि फंड हाउसेज डिस्ट्रीब्यूटरों को ज्यादा फीस पेमेंट करने से मिससेलिंग को बढ़ावा मिलता है।