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भ्रामक विज्ञापनों पर एएससीआई सख्त

मैगी के विज्ञापन को लेकर विवाद अभी चल ही रहा है कि इस बीच भ्रामक विज्ञापनों का मामला सामने आया है।
अपडेटेड Jun 03, 2015 पर 10:10  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

मैगी के विज्ञापन को लेकर विवाद अभी चल ही रहा है कि इस बीच भ्रामक विज्ञापनों का मामला सामने आया है। एवर्टाइजिंग स्टैंडर्ड काउंसिल ऑफ इंडिया ने 185 विज्ञापनों के खिलाफ शिकायतें दर्ज की है। एएससीआई की कंज्यूमर कम्प्लेन्ट काउंसिल (सीसीसी) ने मार्च 2015 में 230 में से185 विज्ञापनों को भ्रामक माना है। इनमे 81 विज्ञापन पर्सनल एंड हेल्थकेयर कटेगरी से थे। सीसीआई ने एजूकेशन कैटेगरी से जुड़े तमाम विज्ञापनों को भ्रामक माना है। 47 विज्ञापन अलग अलग कैटेगरीज से थे।


एएससीआई मुताबिक 18 विज्ञापन बड़े ब्रांड्स के हैं। जिनमें लोरियल, मैरिको, एचयूएल, भारती एअरटेल, गेदरेज कंज्यूमर, स्पाइस जेट, होंडा मोटर साइकिल, विप्रो, केविनकेयर जैसी कंपनियों के विज्ञापन शामिल हैं। दिलचस्प बात ये कि भ्रामक करार दिए गए इन विज्ञापनों को एंड्रोस करने वालों में कई बड़े सेलेब्रिटी शामिल हैं जो इनके फायदे बयान कर रहे हैं।