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शेयर-प्रॉपर्टी कहां करें निवेश ताकि बचे टैक्स

प्रकाशित Thu, 02, 2015 पर 11:34  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स गुरू हमेशा टैक्स बचत और टैक्स प्लानिंग की बात करते हैं। टैक्स गुरू सुभाष लखोटिया दर्शकों को बताते हैं कि क्या अच्छा है, कहां निवेश करें, कहां नहीं। कई लोग हैं जो असमंजस में हैं और जानना चाहते हैं कि वो शेयर में या फिर प्रॉपर्टी में कहां निवेश करें जो कि इनकम टैक्स और रिटर्न के लिहाज से बेहतर हो। आज इसी पर टैक्स गुरू की सलाह।


सवालः पुणे में एक कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हूं। साथ ही डेनमार्क की एक कंपनी में पार्ट टाइम कंसल्टेंट के तौर पर काम कर रहा हूं। विदेशी कंपनी अकाउंट में तनख्वाह ट्रांसफर करती है और मैं इनवॉइस भेज देता हूं। क्या इस इनकम पर टैक्स लगेगा और कितना टैक्स लगेगा। क्या दो अलग-अलग रिटर्न भरने होंगे। क्या इस पर टैक्स लगेगा?


सुभाष लखोटियाः आपको पार्ट टाइम कंसल्टेंट के तौर पर मिली सैलरी प्रोफेशन से इनकम मानी जाएगी। प्रोफेशनल इनकम पर सामान्य तौर पर टैक्स लगेगा। आपको दो रिटर्न भरने की कोई जरूरत नहीं है। सारी इनकम जोड़कर टैक्स चुकाएं और रिटर्न भरें।


सवालः शेयर या प्रॉपर्टी में से कहां निवेश करना ज्यादा फायदेमंद रहेगा, दोनों में किस तरह से टैक्स लगता है, ये बताएं?


सुभाष लखोटियाः निवेश के लिए मौजूद राशि के हिसाब से विकल्प तय करें। शेयर और प्रॉपर्टी में निवेश का ज्ञान रखना चाहिए। रियल एस्टेट के मुकाबले शेयर बाजार में जोखिम ज्यादा है। स्टॉक मार्केट का प्रबंधन प्रॉपर्टी के मुकाबले ज्यादा आसान है। किराए जैसी निश्चित आय की जरूरत तो प्रॉपर्टी में निवेश कर सकते हैं। शेयर के पूरे डिविडेंड पर टैक्स छूट, किराए पर टैक्स लगता है। शेयर में शॉर्ट टर्म गेन पर 15 फीसदी टैक्स लगता है लेकिन लॉन्ग टर्म गेन टैक्स फ्री है। प्रॉपर्टी में शॉर्ट टर्म गेन को इनकम में जोड़कर टैक्स देना होता है। प्रॉपर्टी में लॉन्ग टर्म गेन पर 20 फीसदी की दर से टैक्स लगता है। प्रॉपर्टी के मुकाबले शेयर बाजार में फेरबदल ज्यादा आसान है। दोनों में ही स्टैम्प ड्यूटी और एसटीटी जैसे अतिरिक्त खर्चे होते हैं।


सवालः कुछ पैसे पत्नी के अकाउंट में ट्रांसफर किए हैं तो क्या क्लबिंग प्रावधान लागू होगा, अगर हां तो पत्नी या मुझे किसे लगेगा टैक्स?


सुभाष लखोटियाः पैसे पत्नी के अकाउंट में ट्रांसफर कर निवेश करने पर क्लबिंग प्रावधान लागू होगा। शेयर से शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन होने पर 15 फीसदी की दर से टैक्स देना होगा। लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन यानि 1 साल के बाद शेयर बेचने पर कोई टैक्स नहीं लगेगा।


सवालः एक रियल एस्टेट कंपनी में काम करती हूं, कंपनी तनख्वाह के साथ ही प्लॉट बेचने के लिए 2 परसेंट कमीशन देती है। क्या कमीशन से होने वाली इनकम पर टैक्स देना होगा। रियल एस्टेट कंपनी में काम करती हैं। तनख्वाह के साथ प्लॉट बेचने के लिए 2 फीसदी कमीशन मिलता है। क्या इस पर टैक्स लगेगा?


सुभाष लखोटियाः सैलरी और कमीशन मिलाकर कुल इनकम जोड़नी चाहिए। अगर आपकी कुल इनकम 2 लाख से ऊपर तो टैक्स देना होगा।


सवालः इलाज में हुए खर्च पर टैक्स छूट कैसे ले सकते हैं? मेडिकल खर्चों पर टैक्स छूट लेने के लिए क्या फॉर्म और कागजात जरूरी हैं।


सुभाष लखोटियाः इलाज पर होने वाले किसी भी खर्च पर टैक्स छूट नहीं मिलती है। मेडिक्लेम पॉलिसी के प्रीमियम पर सेक्शन 80डी के तहत छूटमिलती है। कर्मचारियों को मेडिकल खर्चों का सालाना 15,000 रुपये के रीइंबर्समेंट पर टैक्स छूट मिलती है।


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