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टैक्स गुरूः कैसे बचाएं गिफ्ट से मिली आय पर टैक्स

प्रकाशित Sat, 25, 2015 पर 17:15  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स बचाने में आपको सबसे आगे रखने वाला खास शो टैक्स गुरू हाजिर है, इनकम टैक्स चाहे आपको जितनी भी बड़ी उलझन क्यों न लगे टैक्स गुरू इसे बनाता है आासान। टैक्स से जुड़े आपके सभी सवालों का जवाब देकर हम बचाएंगे आपका टैक्स और बताएंगे कि कहां आपको हो सकता है ज्यादा से ज्यादा फायदा। आपके लिए इनकम टैक्स को आसान बनाने के लिए हमारे साथ हैं हमारे टैक्स गुरू सुभाष लखोटिया।


सवालः मैंने 5 साल में अपनी पत्नी को 5 लाख गिफ्ट दिया है जिन्हें पत्नी ने शेयर और टैक्स फ्री बॉन्ड में निवेश किया। चूंकि रिटर्न टैक्स फ्री था इसलिए दोनों ही पति-पत्नी ने इस पर कोई टैक्स नहीं दिया। अब उन्होंने उस रकम को कॉरपोरेट बॉन्ड में निवेश कर दिया है। अब जानना चाहता हूं कि टैक्स किसे देना होगा।


सुभाष लखोटियाः गिफ्ट की रकम शेयर और टैक्स फ्री बॉन्ड में निवेश करना अच्छा फैसला है। इससे होने वाली रकम टैक्स फ्री होगी और किसी को टैक्स नहीं लगेगा। हालांकि आपको कॉरपोरेट बॉन्ड के ब्याज पर टैक्स देना होगा। कॉरपोरेट बॉन्ड का ब्याज पति की इनकम में जुड़ेगा। सेक्शन 64 के तहत क्लबिंग प्रावधान लागू होगा और पत्नी की आय पति की आय में जुड़ेगी।


सवालः अपनी पत्नी, भाई, बेटे, पोते और बहू को कितना गिफ्ट दे सकते हैं ताकि किसी पर टैक्स की कोई देनदारी नहीं हो। दूसरा सवाल है, कि रिटायरमेंट पर 10 लाख रु मिले थे जिसे उन्होंने पत्नी के नाम से बैंक में एफडी कर दिया है। क्या एफडी से मिली ब्याज पर टैक्स लगेगा?
 
सुभाष लखोटियाः भाई और बेटे को गिफ्ट में पैसे दे सकते हैं टैक्स नहीं लगेगा। सेक्शन 56 के तहत भाई-बेटा रिश्तेदार माने जाएंगे। पोते और बहू को गिफ्ट देने पर क्लबिंग प्रावधान लागू होगा। सेक्शन 64 के तहत गिफ्ट से होने वाली इनकम गिफ्ट देने वाले के इनकम में जुड़ेगी। आपने पैसे पत्नी के नाम से बैंक में एफडी किया तो एफडी से होने वाला ब्याज आपकी इनकम में जोड़ा जाएगा।


सवालः कंपनी से 60 लाख सालाना तनख्वाह मिलती है और उन्हें अपनी पुरानी कंपनी से 17 लाख पीएफ मिला है। उन्होंने पुरानी कंपनी में 3 साल काम किया था तो पीएफ पर टैक्स कैसे लगेगा। सिर्फ कंपनी के भाग पर या पूरी रकम पर टैक्स देना होगा। साथ ही जब मैंने अपनी पुरानी कंपनी में रिटर्न भरा था तो उन्हें 80सी के तहत पीएफ के लिए सिर्फ 1 लाख की छूट का फायदा मिला था और बाकी रकम पर टैक्स कटा था। क्या ये डबल टैक्सेशन का मामला है।


सुभाष लखोटियाः कानून के शेड्यूल 4 रूल 8 के तहत कंपनी में 5 साल ये ज्यादा काम करने पर ही पीएफ की रकम टैक्स फ्री हो जाती है। 5 साल से कम समय कंपनी में काम किया तो पीएफ की रकम पर टैक्स लगेगा। पीएफ की रकम इनकम में जोड़कर टैक्स लगेगा। आपके केस में डबल टैक्सेशन नहीं है। सरकार की कोशिश की लोग 5 साल से पहले पीएफ की रकम नहीं निकालें, इसलिए 5 साल से पहले रकम निकालने पर टैक्स का प्रावधान रखा है।


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