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योर मनी: शेयर बाजार में उथल-पुथल, क्या करें

निवेशक बाजार की तेज गिरावट से घबराएं नहीं और शेयरों को ना बेचें। गिरावट नई खरीद का मौका है।
अपडेटेड Aug 25, 2015 पर 15:46  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

निवेश में अनुशासन के साथ साथ धैर्य रखने की भी जरूरत होती है। लेकिन उतना ही जरूरी है आर्थिक लक्ष्यों को पहचानना और रिस्क कवर, यानी सही बीमा का चुनाव करना। फाइनेंशियल प्लानिंग की इन्ही बारिकियों पर यहां रोज चर्चा की जाती है। और निवेश, इंश्योरेंस, लोन, क्रेडिट कर्ड से जुड़ी आपकी तमाम दुविधा को हम एक्पर्ट की सलाह से सुलझाने की कोशिश करते हैं। आज आपकी निवेश संबंधी उलझनों को सुलझाने के लिए हमारे साथ हैं आनंदराठी प्राइवेट वेल्थ मैनेजमेंट के डिप्टी सीईओ फिरोज अजीज


आज हम सबसे पहले बात करते हैं शेयर बाजार में अब तक की सबसे बड़ी गिरावट की, जिसने देश भर के निवेशकों को डरा दिया है। लेकिन क्या इस गिरावट से डरकर निवेश तोड़ने की जरूरत है या फिर निवेश में बने रहना समझदारी है। इस पर फिरोज अजीज का कहना है कि निवेशक बाजार की इस तेज गिरावट से घबराएं नहीं और घबराहट में शेयरों की बिक्री न करें।


निवेशक इस गिरावट को नई खरीद के मौके के तौर पर लें। निवेशकों को सलाह है कि वे मैक्रो-इकोनॉमिक हालात देखकर फैसला लें, एक दिन की गिरावट देखकर नहीं। अपनी एसेट एलोकेशन स्ट्रैटेजी पर बने रहें। फिरोज अजीज का कहना है कि लंबी अवधि के निवेशकों को उतार-चढ़ाव से डरने की जरूरत नहीं है।


अब बात करते हैं डिविडेंड देने वाली कंपनियों की। बड़े पैमाने पर ऐसे निवेशक होते हैं, जिनकी इनकम का अच्छा खासा हिस्सा डिविडेंड से आता है। इन निवेशकों के लिए जरूरी होता है उन शेयरों की पहचान करना, जो हाई डिविडेंड देती हों। तो क्या ध्यान रखने की जरूरत है ऐसी कंपनियों के चुनाव के पहले? इस पर हमारे एक्सपर्ट का कहना है कि इसके लिए वैसी कंपनियां चुनें जिनका डिविडेंड यील्ड ऊंचा हो। लगातार डिविडेंड देने वाली कंपनियों का कम से कम 5 साल का ट्रैक रिकॉर्ड देखें। देखें कि कंपनियों के कोर बिजनेस से कैश फ्लो कैसा है। ये भी देखें कि कंपनी बोर्ड के पास डिविडेंड देने या ना देने का अधिकार है कि नहीं।


इनकम के लिए सिर्फ डिविडेंड देने वाली कंपनियों पर निर्भर रहना सही नहीं। कंपनी डिविडेंड के बजाय पैसे का इस्तेमाल विस्तार के लिए कर सकती है। निवेशकों को सलाह है कि वे अपने पोर्टफोलियो को डाइवर्सिफाइ करें और इक्विटी में म्युचुअल फंड के जरिए निवेश करें। म्युचुअल फंडों में निवेश करते समय वैसे म्युचुअल फंड चुनें जो 35-40 शेयरों में निवेश करते हैं। 3-5 शेयरों के मुकाबले इक्विटी एमएफ से बेहतर रिटर्न की संभावना रहती है। म्युचुअल फंड में निेवेश से निवेशकों को प्रोफेशनल मैनेजमेंट का फायदा मिलता है। म्युचुअल फंड में आप डिविडेंड या ग्रोथ प्लान चुन सकते हैं। इसके अलावा जरूरत के मुताबिक एसडब्ल्यूपी या सिस्टमैटिक विदड्रॉल प्लान भी चुन सकते हैं।


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