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एफआईआई ब्रोकरेज की नजर में क्रेडिट पॉलिसी

पॉलिसी के बाद क्या कह रहे हैं ब्रोकरेज हाउस और किन शेयरों पर उनकी नजर हैं, आइए जानते हैं।
अपडेटेड Sep 30, 2015 पर 10:03  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन ने बाजार को सरप्राइज किया और अब आपके लोन की ईएमआई कम होने का रास्ता साफ हो गया है। आरबीआई ने रेपो रेट में 0.5 फीसदी की कटौती कर दी है। 0.5 फीसदी की कटौती के बाद अब रेपो रेट 6.75 फीसदी हो गया है। साथ ही रिवर्स रेपो रेट भी 0.5 फीसदी घटकर 5.75 फीसदी हो गया है। हालांकि आरबीआई ने सीआरआर में कोई बदलाव नहीं किया है। लिहाजा सीआरआर 4 फीसदी पर ही बरकरार रहेगा।


कल की क्रेडिट पॉलिसी में दरों में 0.5 फीसदी की कटौती के बाद एफआईआई ब्रोकरेज भी खुश हैं। पॉलिसी के बाद क्या कह रहे हैं ब्रोकरेज हाउस और किन शेयरों पर उनकी नजर हैं, आइए जानते हैं।


क्रेडिट पॉलिसी पर सीएलएसए


सीएलएसए के मुताबिक दरों में 0.5 फीसदी की कमी उम्मीद से ज्यादा है। आरबीआई के इस फैसले से हाउसिंग फाइनेंस, ऑटो, प्रॉपर्टी, कर्ज के बोझ तले दबी कंपनियों और बैंकों को फायदा होगा। सीएलएसए का मानना है कि दरों में कटौती का इंडसइंड बैंक, एचडीएफसी, मारुति सुजुकी, पावर ग्रिड, पीवीआर और आईआरबी इंफ्रा को फायदा होगा।


सीएलएसए का कहना है कि दरों में कटौती से होलसेल फंडिंग वाले बैंकों को फायदा होगा और इस सेगमेंट में इंडसइंड बैंक पसंदीदा शेयर है। सीएलएसए के मुताबिक दरों में कटौती से फीनिक्स मिल्स को सबसे ज्यादा फायदा होगा। साथ ही दरों में कटौती प्रेस्टीज एस्टेट्स और डीएलएफ के लिए भी फायदेमंद साबित होगी।


क्रेडिट पॉलिसी पर क्रेडिट सुइस


क्रेडिट सुइस के मुताबिक दरों में कटौती से कोल इंडिया, नाल्को, एचपीसीएल, पावर ग्रिड और एनटीपीसी जैसे शेयर और आकर्षक हो गए हैं। वहीं दरों में कमी से एचडीएफसी और एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस को फायदा होगा।


क्रेडिट पॉलिसी पर बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच


बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच के मुताबिक दरों में 0.5 फीसदी की कमी से कंपनियों के मार्जिन बेहतर होंगे। दिसंबर में दरों में बदलाव की उम्मीद नहीं है, लेकिन फरवरी में दरों में 0.25 फीसदी की कटौती संभव है। बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच का मानना है कि दरों में कमी से यस बैंक, दीवान हाउसिंग, शोभा और अल्ट्राटेक को ज्यादा फायदा होगा।


क्रेडिट पॉलिसी पर डॉएश बैंक


डॉएश बैंक ने दरों में कमी के बाद एचडीएफसी, श्रीराम ट्रांसपोर्ट, एचडीएफसी बैंक और एक्सिस बैंक का वेटेज बढ़ा दिया है।


क्रेडिट पॉलिसी पर एचएसबीसी


एचएसबीसी के मुताबिक आरबीआई ने दरों में उम्मीद से ज्यादा कटौती की है। दरों में कमी के बाद अब ग्रोथ की चिंता पर फोकस रहेगा। साथ ही दरों में अगली कटौती से पहले ग्राहकों तक पहुंचाने का इंतजार रहेगा।


क्रेडिट पॉलिसी पर कोटक


कोटक का मानना है कि वित्त वर्ष 2016 में दरों में और कमी की उम्मीद नहीं है।


क्रेडिट पॉलिसी पर बार्कलेज


बार्कलेज के मुताबिक महंगाई में कमी आने पर 2016 की पहली छमाही में दरों में 0.25 फीसदी की कमी संभव है।


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