Moneycontrol » समाचार » टैक्स

टैक्स गुरुः किराए पर कब लगता है टीडीएस

हाजिर है टैक्स गुरु आपका पर्सनल टैक्स गाइड जो सुलझाता है टैक्स से जुडी हर छोटी-बड़ी उलझन
अपडेटेड Nov 07, 2015 पर 16:48  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

आपकी टैक्स प्लानिंग आपके टैक्स को बचाता है और ये पैसा आपके और देश के विकास के ही काम आता है और इसलिए टैक्स से डरिए नहीं, अपना वाजिद टैक्स भरिेए। और अगर टैक्स से जुडी कोई भी टेंशन हो रही है तो हाजिर है टैक्स गुरु आपका पर्सनल टैक्स गाइड जो सुलझाता है टैक्स से जुडी हर छोटी-बड़ी उलझन और इसमें आपकी मदद करते है टैक्स एक्सपर्ट सुभाष लखोटिया।


सुभाष लखोटिया का कहना है कि किराया भुगतान करने पर टीडीएस का प्रावधान सेक्शन 194(1) में दिया गया है। इंडिविजुएल और एचयूएफ पर किराए पर टीडीएस का नियम सामान्य स्थिति में नहीं है। बिजनेस टर्नओवर के तय सीमा से ऊपर होने पर इंडिविजुएल और एचयूएफ को टीडीएस काटना पडता है। सालाना 1.80 लाख रु तक के किराए पर टीडीएस की जरुरत नहीं होती है। जमीन और भवन के किराए के लिए 10 फीसदी, मशीनरी, प्लांट और इक्विपमेंट के किराए पर 2 फीसदी टीडीएस कटता है। रियल एस्टेट इंवेस्टमेंट ट्रस्ट को किराए पर टीडीएस की जरुरत नहीं है। सेक्शन 194(1) में दी गई किराए की परिभाषा को ध्यान में रखना जरुरी है।


हर तरह के किराए पर 30 फीसदी स्टैंडर्ड डिडक्शन का नियम लागू नहीं होता है। सिर्फ मकान के किराए को इनकम फ्रॉम हाउस प्रॉपर्टी माना जाता है। इनकम फ्रॉम हाउस के लिए ही 30 फीसदी स्टैंडर्ड डिडक्शन का नियम लागू होगा। मशीनरी, प्लांट, जमीन वैगेरह के किराए पर 30 फीसदी स्टैंडर्ड डिडक्शन का नियम लागू नहीं होगा। मशीनरी, प्लांट, जमीन वैगेरह का किराया अन्य स्त्रोत से आय माना जाएगा। बच्चों को तोहफे में प्रॉपर्टी देने पर कोई इनकम टैक्स नहीं देना पड़ेगा। प्रॉपर्टी ट्रांसफर करने पर सिर्फ स्टैम्प ड्यूटी देनी होगी।        


वीडियो देखें