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बिहार में 1 अप्रैल 2016 से नहीं बिकेगी शराब

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 1 अप्रैल से शराब की बिक्री पर रोक लगाने का एलान किया है।
अपडेटेड Nov 26, 2015 पर 16:28  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

बिहार सरकार ने 1 अप्रैल से शराब की बिक्री पर रोक लगाने का एलान किया है। रोक का एलान करते हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि शराब के समाज पर बुरे असर को देखते हुए उन्होंने ये फैसला लिया है। नीतीश कुमार ने अपने घोषणापत्र में शराब बंद करने का वादा किया था।


बिहार में शराब बंद होने का असर सरकार की जेब पर काफी असर पड़ेगा क्योंकि राज्य सरकार की एक्साइज ड्यूटी से आय घटेगी। सरकार को करीब 3000 करोड़ रुपये सालाना एक्साइज ड्यूटी मिलती है। ब्रांडेड शराब की बिक्री बिहार में काफी कम है और बिहार ब्रांडेड शराब खपत के मामले में 20 वें पायदान के नीचे है। युनाइटेड स्पिरिट्स की कुल बिक्री का 5 फीसदी हिस्सा बिहार से आता है और वहां 1 लाख की आबादी पर 5 शराब की दुकानें हैं जबकि कर्नाटक में 1 लाख पर 40 से ज्यादा शराब की दुकानें है। बिहार में ब्रांडेड शराब में प्रति व्यक्ति सालाना करीब 1 लीटर खपत नहीं है। बिहार में शराबबंदी से खेतान, युनाइटेड ब्रुअरीज और युनाइटेड स्पिरिट्स को नुकसान होगा।


जानकारों का मानना है कि बिहार में शराब बिक्री पर रोक लगने से यूनाइटेड स्पिरिट पर खासा असर पड़ेगा और ग्लोबस स्पिरिट पर भी बैन का असर दिखेगा। हालांकि छोटी कंपनियों पर रोक का ज्यादा असर नहीं होगा। प्रकाश दीवान डॉटइन के प्रकाश दीवान का कहना है कि, बिहार में शराब बिक्री पर रोक लगने से यूनाइटेड स्पिरिट पर खासा असर देखने को मिलेगा लेकिन छोटी कंपनियों पर इसका ज्यादा असर नहीं होगा।


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