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टैक्स गुरुः बनाएं टैक्स की मुश्किलें आसान

अगर टैक्स का मतलब आपके के लिए टेंशन है तो हम हाजिर है आपकी टैक्स से जुड़ी टेंशन दूर करने के लिए।
अपडेटेड Dec 05, 2015 पर 17:15  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

अगर टैक्स का मतलब आपके के लिए टेंशन है तो हम हाजिर है आपकी टैक्स से जुड़ी टेंशन दूर करने के लिए। टैक्स गुरु है आपका पर्सनल टैक्स गाइड जो करता है टैक्स से जुडी हर छोटी-बड़ी परेशानी को दूर, यहां आपको मिलता है टैक्स से जुड़े हर सवाल का जबाव जो देंगे आपके टैक्स गुरु सुभाष लखोटिया


सवालः सरकार की जस्टिस आर वी ईश्वर कमिटी टैक्स को आसान बनाने में कैसे फायदेमंद होगी?


सुभाष लखोटियाः जस्टिस आर वी ईश्वर कमिटी पर टैक्स कानून को आसान बनाने का जिम्मा सौंपा गया है। टैक्स कानून आसान होने से करदाताओं और सरकार सभी को फायदा होगा। 31 जनवरी 2016 तक ईश्वर कमिटी को अपनी रिपोर्ट वित्त मंत्रालय को देनी है। आम करदाता भी अपने सुझाव ईश्वर कमिटी को भेज सकते हैं। वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए एक जैसे नियम हो और हर तरह की सैलरी इनकम पर टैक्स लगे, लेकिन सभी के लिए दर 10 फीसदी हों। तलाक के मामलों में स्पष्ट टैक्स नियम हों और हर तरह के सेस, सरचार्ज और मॅट हटा दिए जाएं इसलिए ये कमिटी बनाई गई है। 


सवालः ईएसओपी के टैक्स नियम क्या हैं? 


सुभाष लखोटियाः ईएसओपी के टैक्स के नियमों को समझना बेहद जरुरी है। ईएसओपी एक्सरसाइज करने के दिन आप पर टैक्स की देनदारी बनेगी। शेयर के बाजार मूल्य और खरीद मूल्य के अंतर पर टैक्स देना होगा। लिस्टेड कंपनियों के मामले में शेयर की बाजार कीमत के मुताबिक टैक्स तय होगा। गैर-लिस्टेड कंपनियों के मामले में मर्चेंट बैंकर आपके शेयर का वैल्युएशन करेगा।


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