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टैक्स गुरुः एक्सपर्ट की मदद से बनाएं टैक्स को आसान

स्क्रूटनी का नोटिस अगर आपको मिलता है तो क्या हो आपका अगला कदम, आइए जानते हैं।
अपडेटेड Aug 20, 2016 पर 13:43  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

स्क्रूटनी का नोटिस अगर आपको मिलता है तो क्या हो आपका अगला कदम। कब तक आपके खाते में आएगा टैक्स का रिफंड और अगर टैक्स रिफंड में देरी हो रही है तो जानेंगे इसकी वजह। साथ ही जानेंगे क्या टैक्स बचाने के लिए जरुरी है प्रॉपर्टी से हुए पूरे कैपिटल गेन का निवेश। इन तमाम मुद्दों पर लेंगे टैक्स एक्सपर्ट शरद कोहली की सलाह और बनाएंगे आपके टैक्स को आसान।


टैक्स एक्सपर्ट शरद कोहली का कहना है कि टैक्स विभाग आपसे ज्यादा जानकारी चाहता है। स्क्रूटनी के मामले सीएएसएस से चुने जाते हैं। सीएएसएस यानी कंप्यूटर एडेड स्क्रूटनी सिस्टम। सीएएसएस में मामले रैंडम चुने जाते हैं। 26एएस में अंतर होने की वजह से, किसी के शिकायत किए जाने की वजह से, बढ़े खर्चे का हिसाब-किताब मेल ना खाने पर स्क्रूटनी का नोटिस आता है। स्क्रूटनी की तारिख पर इनकम टैक्स विभाग जाना चाहिए और ऑफिसर से वो सवाल ले जिनके जवाब वो चाहते हैं। आमतौर पर 4-5 तारिख में मामले सुलझ जाते हैं। आप अपने टैक्स सलाहकार को भी भेज सकते हैं। विभाग जानना चाहता है कि घोषित आय आपके खर्च से मेल खाती है या नहीं। पारिवारिक खर्च और निजी जानकारी भी देनी पड़ सकती है।


शरद कोहली के मुताबिक सरकार के पास 1.5 लाख करोड़ रुपये का रिफंड पेडिंग है। सरकार चाहती है कि वो जल्द से जल्द रिफंड दे दें। रिफंड पर सालाना 6 फीसदी ब्याज मिलता है। रिफंड का भुगतान चेक से होता है। लेकिन अब रिफंड की राशि सीधे खाते में क्रेडिट कर दी जाती है। रिफंड पर मिला ब्याज टैक्सेबल होता है। रिफंड पर मिला ब्याज अन्य स्त्रोत से आय में दिखाना होता है। अगर रिफंड आने में देरी होती है तो इनकम टैक्स पोर्टल पर स्टेटस देख सकते हैं। साथ ही रिफंड रिइश्यू रिक्वेस्ट भर सकते हैं। या शहर के टैक्स ऑफिसर के पास अर्जी दे सकते हैं।


शरद कोहली का कहना है कि जिस वैल्यू पर गिफ्ट टैक्स दिया है उसे ही प्रॉपर्टी की कीमत माननी चाहिए और प्रॉपर्टी खरीद की इंडेक्स्ड लागत निकालनी चाहिए। इंडेक्स्ड लागत निकालने के लिए कॉस्ट इंफ्लेशन का इस्तेमाल किया जा सकता है। 1983 का कॉस्ट इंफ्लेशन इंडेक्स 116, 1984 का कॉस्ट इंफ्लेशन इंडेक्स 125, 2008-09 का कॉस्ट इंफ्लेशन इंडेक्स 582, 2016-17 का कॉस्ट इंफ्लेशन इंडेक्स 1125 और है। प्रॉपर्टी बिक्री के 6 महीने में कैपिटल गेन बॉन्ड खरीदने चाहिए। अलॉटमेंट लेटर की तारिख को प्रॉपर्टी खरीद की तारिख मानना चाहिए। अगर कैपिटल गेन का फायदा पहले उठा चुके है तो दोबारा फायदा नहीं मिलेगा।


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