Moneycontrol » समाचार » टैक्स

इनकम डिक्लेरेशन स्कीम, कैसे उठाएं फायदा!

इस समय पुरे देश में एक ही चर्चा जोरोशोर चल रही है आईडीएस यानि इनकम डिक्लेरेशन स्कीम।
अपडेटेड Sep 12, 2016 पर 20:42  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

इस समय पुरे देश में एक ही चर्चा जोरोशोर चल रही है आईडीएस यानि इनकम डिक्लेरेशन स्कीम। सरकार ने पहली जून से एक स्कीम का एलान किया है। और वह स्कीम यह है कि हिदुस्तान में कोई भी टैक्स पेयर्स किसी भी कारणवंश किसी इनकम पर टैक्स ना भर पाया हो या छुपाया हो अग वह सामने आकर टैक्स का भुगतान करना चाहता हो तो सरकार ने उसे आखिरी मौका दिया है। यह स्कीम 30 सितंबर तक खुली है। आईए टैक्स भऱिए 45 फीसदी और निश्चित हो जाइये।


प्रिंसिपल चीफ कमिश्नर इनकम टैक्स डी एस सक्सेना के मुताबिक इस स्कीम का मकसद यह है कि भारत ना अब प्रगतिशील देश ना होकर बल्कि भारत एक विकसित देश हो गया है। इसके तहत सरकार बैलेंस शीट में पारदर्शिता लाने की कोशिश कर रही है। इसके तहत काला- धन सफेद करने का एक मौका है। और अघोषित आय कारोबार के काम आएं।


डी एस सक्सेना का कहना है कि सरकार का इस स्कीम के तहत टैक्स वसूला नहीं है। करप्शन का पैसा डिक्लेयर नहीं हो सकता है। स्मगलिंग का पैसा भी डिक्लेयर नहीं हो सकता है। अगर आप इसे किसी तरह डिक्लेयर कर भी लेते है तो इस स्कीम का फायदा आपको नहीं मिलेगा। आईडीसी में खुलासे पर इस स्कीम के तहत खुलासा की गई रकम पर 30 फीसदी टैक्स लगेगा। 7.5 फीसदी कृषि कल्याण सेस लगेगा। साथ ही 7.5 फीसदी पेनाल्टी लगेगी।


टैक्स का 25 फीसदी 30 नवंबर 2016 तक जमा करना होगा। अगला 25 फीसदी टैक्स 31 मार्च 2017 तक भरना होगा। इस स्कीम के तहत पुराने सालों की डिक्लेरेशन कभी भी कर सकते है। यानि की किसी भी साल की कोई भी इनकम डिक्लेयर करें। 153 सी के नोटिस मिलने पर डिक्लेरेशन संभव नहीं है।


सीनियर चार्टर्ड अकाउंटेंट विमल पुनमिया का कहना है कि इस स्कीम के तहत ज्वेलरी, प्रॉपर्टी निवेश और कैश डिक्लेयर को हो सकता है। और केवल कानूनी तरीके से कमाया गया पैसा ही डिक्लेयर होगा। इस स्कीम में शादी - ब्याह के खर्च भी शामिल किए गए है। इस स्कीम के तहत इनकम का स्त्रोत नहीं पूछा जाएगा।


आप इनकम टैक्स रेड के मामले में डिक्लेरेशन नहीं कर सकते है। 142 के नोटिस पर उस साल को छोड़कर बाकी किसी भी साल डिक्लेरेशन कर सकते है।