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कैसे कारोबारी और निवेशक दोनों बनें?

मैराथन ट्रेड्स के अतुल सूरी का मानना है कि अच्छा कारोबारी बनने के लिए स्थिति के अनुसार फैसले लेने का गुण जरूरी है।
अपडेटेड Nov 18, 2010 पर 09:06  |  स्रोत : Hindi.in.com

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मैराथन ट्रेड्स के अतुल सूरी का मानना है कि अच्छा कारोबारी बनने के लिए स्थिति के अनुसार फैसले लेने का गुण जरूरी है। सही फैसला लेना किसी सिखाया नहीं जा सकता है। लेकिन, इसी से पता चल सकता है कोई व्यक्ति कितना जोखिम उठाना चाहता है।



सवाल: क्या विचार और फैसले फंडामेंटल्स, पीई रेश्यो के मुकाबले ज्यादा महत्व रखते हैं?



अतुल सूरी: अगर आप सफल कारोबारियों के काम करने के तरीके को ध्यान से परखेंगे, तो आपको पता चलेगा कि वक्त के साथ-साथ ये कारोबारी आंकड़ों पर कम और अपनी विचारों पर ज्यादा भरोसा करते जाते हैं। सफल कारोबारी बनने के लिए फैसले से जुड़े जोखिम को समझना जरूरी है। कारोबारियों की सफलता का 80 फीसदी हिस्सा जोखिम का मूल्याकंन से आता है।



सवाल: शेयर बाजार में उतरने से पहले क्या तैयारी करनी चाहिए? किससे शुरुआत करनी चाहिए फंडामेंटल या तकनीकी विश्लेषण से



अतुल सूरी: हर निवेशक को अपनी खुद की निवेश रणनीति बनानी चाहिए। शेयर बाजार में निवेश करने के लिए लिखित नियम नहीं है। आपके लिए जो कामयाब तरीका रहे, उसे ही अपनी रणनीति बनाना चाहिए।



फंडामेंटल और तकनीकी विश्लेषण में से एक का चुनाव नहीं किया जा सकता है। अगर किसी निवेशक की दिलचस्पी कंपनी के आंकड़ों, ईपीएस वगैरा में है, तो वो फंडामेंटल की ओर बढ़ सकता है।



वैसे ही, जिन्हें अंदाजा लगाने का गुर हासिल होता है, वो तकनीकी विश्लेषण में दिलचस्पी लेने लगते हैं। लेकिन, जरूरी ये है कि आप जिस किसी तरीका का इस्तेमाल करें, वो आपके लिए आसान और फायदेमंद हो।


सवाल: क्या कारोबारी के साथ निवेशक भी बना जा सकता है?



अतुल सूरी: हां। लेकिन, ये काफी मुश्किल है। शेयर बाजार में कारोबार करने के लिए और निवेश करने के लिए अलग-अलग रणनीति की जरूरत होती है।



सवाल: क्या आपको लगता है कि आखिरकार शेयर बाजार ही सही है?



अतुल सूरी: मेरा यही मानना है कि चाहे आपकी जो चाहें उम्मीदें रहीं हो, आखिर में शेयर बाजार ही सही और गलत का फैसला लेता है।लेकिन, कई ऐसे भी कारोबारी होते हैं, जो किसी शेयर का मल्यूांकन के आधार पर शेयर को ओवर या अंडरवैल्यूड कहते हैं। मेरे लिए जो बाजार का भाव है, वही सही है। छोटी अवधि में मुनाफा कमाने के लिए कंपनी की वैल्यूएशन के बारे में सोचना ठीक नहीं है।



सवाल: कोई फैसला गलत हो जाने के बाद आप क्या करते हैं?



अतुल सूरी: अपने फैसले को गलत मानना ही अपनेआप में बड़ी चुनौती है। शेयर बाजार में पैसा कमाने के साथ अहं भी जुड़ा होता है। लेकिन, ये याद रखना जरूरी है कि हम हमेशा सही नहीं हो सकते हैं। ऐसे में, गलती से सीख लेकर आगे बढ़ जाना चाहिए।



सवाल: क्या एवरेजिंग करना जोखिमभरा होता है?



अतुल सूरी: मैं एवरेजिंग में विश्वास नहीं करता हूं। अगर मैं कोई शेयर खरीदता हूं और फिर शेयर का भाव गिरने लगता है, तब भी मैं एवरेजिंग नहीं करता हूं।



आपको आपकी रणनीति बना लेनी चाहिए। आपको पता होना चाहिए कि क्या आप छोटी अवधि में मुनाफ कमाना चाहते हैं या लंबी अवधि के लिए शेयर में बने रहेंगे। आपको कारोबार या निवेश करते वक्त दिल से नहीं दिमाग से फैसले लेने चाहिए।



जोखिम को समझना और उसका मैनेजमेंट बहुत जरूरी है। पहला है कारोबार का दायरा या आप शेयर खरीदते वक्त तय करें कि आप कितने शेयर खरीदने में सहज महसूस कर रहे हैं।



दूसरा है स्टॉपलॉस। किसी भी शेयर में खरीदारी या बिकवाली करते वक्त घाटा काटने का स्तर जरूर तय कर लेना चाहिए।



बेहतर है कि आप पहले जोखिम पता करें, फिर स्टॉपलॉस और आखिर में कि कितने शेयरों की खरीदारी/बिकवाली करनी है।