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टैक्स बचाएं, फायदा कमाएं: टैक्स गुरू

प्रकाशित Sat, 20, 2010 पर 11:27  |  स्रोत : Hindi.in.com

20 नवंबर 2010

सीएनबीसी आवाज़



टैक्स गुरू सुभाष लखोटिया ने कहा कि कानूनी तरीके से टैक्स बचाना पूरी तरह सही है। आयकर कानूनों के तहत भी करधारकों को ऐसी सुविधाएं मिली हुई हैं जिनके तहत विभिन्न माध्यमों से करदाता टैक्स बचा सकते हैं। इसमें कुछ भी गलत नही है।


आयकर की धारा 80सी के तहत 1 साल में 1 लाख रुपये तक के निवेश पर टैक्स छूट मिल सकती है। साथ ही इस वर्ष इंफास्ट्रक्चर बॉण्ड में निवेश करने पर 20,000 रुपये तक की छूट मिलेगी। इसके अलावा अगर होम लोन लिया हुआ है तो उस के ब्याज पर भी टैक्स छूट ले सकते हैं। इस तरह एक साल में कुल मिलाकर 27,000 रुपये से लेकर 81,000 रुपये तक का टैक्स बचा सकते हैं।



कार्यालय के काम से विदेश में रहने वालों के लिए टैक्स छूट



यदि करदाता भारत में काम करता है और काम के सिलसिले में 183 दिन देश से बाहर रहता है तो उसे एनआरआई माना जाएगा, और एनआरआई कानूनों के तहत एनआरआई को देश में आयकर नहीं देना होता है।


एचआरए के साथ होमलोन पर टैक्स छूट



जिन व्यक्तियों को दफ्तर से एचआरए मिलता है और साथ ही वो अपने निर्माणाधीन घर के होमलोन पर टैक्स छूट भी ले रहे हैं उनको आयकर कानूनों में दोगुना फायदा मिल रहा है। टैक्स गुरू के मुताबिक ऐसे लोगों को एचआरए के साथ-साथ होमलोन के ब्याज पर भी कर छूट मिलती रहेगी।


वसीयत में मिले मकान पर टैक्स छूट

अगर अपने किसी संबंधी से वसीयत में मकान मिला है और उसे बेचने पर आय मिलती है तो उस राशि पर एक ही सूरत में टैक्स छूट मिल सकती है अगर आप उस पूंजी में से 50 लाख रुपये कैपिटल गेन टैक्स बॉण्ड में निवेश कर देते हैं। बची हुई पूंजी पर 20 फीसदी की दर से आयकर देना होगा।


वसीयत या उपहार में मिले मकान पर आप कॉस्ट इंफ्लेशन इंडैक्स का फायदा भी उठा सकते हैं। इसका अर्थ है कि आपको वसीयत में घर देने वाले व्यक्ति ने जिस भाव पर घर खरीदा था आपके लिए भी मकान की कीमत उसी भाव पर मानी जाएगी। अगर आप घर को बेचते हैं तो आपको मकान की पुरानी कीमत के हिसाब से टैक्स देना होगा।


दो व्यवसाय से आय पर टैक्स छूट



अगर कोई व्यक्ति नौकरी के साथ-साथ एलआईसीं या बीमा एजेंट का काम करना चाहता है तो उसकी आय आमदनी का हिस्सा मानी जाएगी। बीमा कारोबार से मिलने वाली आय पर भी टैक्स देना होगा। टैक्स गुरू के मुताबिक आयकर कानूनों के तहत दो व्यवसाय से आय प्राप्त कर सकते हैं बशर्ते उस पर टैक्स दें और आपकी कंपनी भी नौकरी के साथ दूसरा कारोबार करने की इजाजत दे।



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