आवाज़ अड्डा: राम नाम का सहारा, 2019 में बड़ा चुनावी मुद्दा! -
Moneycontrol » समाचार » राजनीति

आवाज़ अड्डा: राम नाम का सहारा, 2019 में बड़ा चुनावी मुद्दा!

प्रकाशित Fri, 09, 2018 पर 09:48  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

करीब तीन दशक से क्या हिंदू और मुस्लिम संगठन अयोध्या में जमीन के एक टुकड़े के लिए लड़ रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अयोध्या का मामला आस्था नहीं, जमीन का विवाद है और हमें इसे इसी तरह से देखना चाहिए। तो फिर क्या इतने सालों से इस मुद्दों को पार्टियां जबरन आस्था के नाम पर तूल देती रही हैं। क्या सुप्रीम कोर्ट के कह देने भर से सभी पक्ष ये मानने को तैयार हो जाएंगे और इस पर राजनीति बंद हो जाएगी।


सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद अयोध्या विवाद में नया ट्विस्ट आ गया है। जब सुप्रीम कोर्ट ये कहता है कि ये मामला भावना का नहीं जमीन-जायदाद का है तब ये लगता है कि है कि सभी पार्टियां और संगठन एक गैर जरूरी मसले को तूल देते रहे हैं। चीफ जस्टिस की बेंच ने कहा कि भावनात्मक और राजनीतिक दलीलें नहीं सुनी जाएगी। कोर्ट में 100 करोड़ हिंदुओं की भावनाओं का ध्‍यान रखने की दलील दी गई थी।


वैसे अनुवाद का काम पूरा नहीं होने की वजह से सुनवाई टल गई। अब 14 मार्च से सुनवाई शुरू होगी। सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों को दस्‍तावेज जमा करने के लिए दो हफ्ते का वक्त दिया है। हलांकि सुप्रीम कोर्ट ने साक्ष्य के तौर पर गीता और वाल्मिकी रामायण का अंग्रेजी में अनुवाद करने को भी कहा है। लेकिन इधर सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिए हैं कि अब इस मामले को और लटकाया नहीं जाएगा। चीफ जस्टिस ने कहा कि एक बार सुनवाई शुरू होगी, तो मामले को निपटाकर ही उठेंगे।


इधर आयोध्या मामले में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे आध्यात्मिक गुरू श्री श्री रविशंकर अब भी बातचीत से मामले को सुलझाने की कोशिश में लगे हुए हैं। उन्होंने इसी सिलसिले में मुस्लिम धर्म गुरूओं से मुलाकात की। इधर शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने एक बार फिर अयोध्या में राममंदिर बनाने की वकालत की है।


इधर अयोध्या पर राजनीति कम होती नहीं दिख रही है। देश में राम नाम का माहौल बनाने के लिए 13 फरवरी से अयोध्या से रामराज्य रथ यात्रा की शुरुआत की जा रही है। ये अयोध्या से निकलकर रामेश्वरम तक जाएगी। खबरें हैं कि मुख्यमंत्री योगी इसे हरी झंडी दिखा सकते हैं। इस यात्रा का मकसद राम मंदिर का निर्माण करवाना है।


इधर पद्मावत के विरोध को लेकर चर्चा में आई करणी सेना के एक विंग ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर नया राग छेड़ा है। राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना ने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए केंद्र सरकार को 3 महीने का अल्टिमेटम दिया है। संगठन ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट से मंदिर निर्माण का हल निकलता है तो ठीक नहीं तो देशभर के कार्यकर्ता राम मंदिर निर्माण के लिए अयोध्या कूच करेंगे। यानी राम मंदिर का मुद्दा अदालत के अंदर और बाहर दोनों जगह गर्म रहने वाला है।