टैक्स नियम में बदलाव, जानें एलटीसीजी टैक्स बचाने का फंडा -
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टैक्स नियम में बदलाव, जानें एलटीसीजी टैक्स बचाने का फंडा

प्रकाशित Fri, 09, 2018 पर 14:22  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

बजट में सीनियर सिटीजन सभी को कुछ ना कुछ मिल जरुर रहा है। बजट की हर बारीकी को समझिए टैक्स गुरु के साथ। टैक्स गुरु में बजट की हर बारीकियां समझाने के लिए मौजूद है टैक्स गुरु मुकेश पटेल। टैक्स गुरु में आज फोकस होगा बजट पर। जानिए एलटीसीजी की वापसी से निवेशकों के मन में किस तरह के सवाल उठ रहें है। साथ ही स्टैंडर्ड डिडक्शन से सैलरीड क्लास।


मुकेश पटेल का कहना है कि एलटीसीजी टैक्स 1 अप्रैल 2018 से लागू होगा। 31 मार्च तक एलटीसीजी टैक्स नहीं लगेगा। परिवार में एक डीमैट खाता होने पर नुकसान होगा। इसलिए अलग- अलग सदस्यों के नाम से निवेश को बांटे और ग्रैंडफादरिंग नियम का ख्याल रखिए। इक्विटी वाले म्यूचुअल फंड पर भी एलटीसीजी टैक्स लगेगा।


मुकेश पटेल के मुताबिक एलटीसीजी टैक्स की एबीसीडी समझने के लिए सबसे पहले आपको डिविडेंड वाले म्यूचुअल फंड्स को भी समझना होगा क्योंकि सरकार डिविडेंड वाले म्यूचुअल फंड्स पर भी 10 फीसदी टैक्स काटेगी। सेस और दूसरे नियमों के चलते कुल 12.94 फीसदी टैक्स लगेगा। डिविडेंड वाले म्यूचुअल फंड्स पर करीब 2.5 फीसदी टैक्स ज्यादा लगेगा। डिविडेंड वाले म्यूचुअल फंड्स पर 1 लाख रुपये की छूट का फायदा नहीं है। हालांकि कैपिटल लॉस को 8 सालों तक सेट-ऑफ कर सकते है और पिछले नुकसान को भी सेट-ऑफ कर सकते है।


उन्होंने आगे बताया कि बॉन्ड में निवेश कर टैक्स बचाने की प्रकिया में बदलाव हुआ है। जमीन और मकान के लिए ही बॉन्ड का फायदा मिलेगा। सरकार ने इसका लॉक-इन पीरियड 3 साल से बढ़ाकर 5 साल कर दिया है। यह नियम भी 1 अप्रैल से लागू होगा। जिन निवेशकों को 3 साल का फायदा उठाना है वह 31 मार्च से पहले निवेश करें।


मुकेश पटेल ने आगे बताया कि काफी साल बाद लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स आया है। दूसरे देशों में भी एलटीसीजी टैक्स लगता है। 14 साल तक निवेशकों को एलटीसीजी टैक्स छूट मिली थी। लेकिन अब निवेशकों को ग्रैंडफादरिंग के नियम से सुरक्षा मिलेगी।