एसएमई कॉर्नर: आईपीओ, निवेश पर चर्चा -
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एसएमई कॉर्नर: आईपीओ, निवेश पर चर्चा

प्रकाशित Mon, 12, 2018 पर 14:34  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

एसएमई यानी स्मॉल एंड मीडियम इंटरप्राइजेज, इसे देश की इकोनॉमी की बैकबोन भी कहते हैं। इंडस्ट्री में जितने लोग भी काम करते हैं उनमे करीब 90 फीसदी को एसएमई सेक्टर ही रोजगार देता है। एक्सपोर्ट में भी सबसे बड़ा योगदान इसी सेक्टर का है। मगर तमाम योगदान के बावजूद एक एसएमई की राह बहुत आसान नहीं होती। कभी सरकार नीतियों की मार पड़ती है तो बाजार की। पूंजी का भी संकट रहता है। पूंजी के इसी संकट को दूर करने के लिए देश के दोनों बड़े एक्सचेंजों बीएसई, एनएसई ने अलग से एसएमई प्लेटफॉर्म शुरु किया है। क्या है एसएमई प्लेटफॉर्म, कैसे एक एसएमई यहां लिस्ट करके अपनी पूंजी की दिक्कत को दूर कर सकता है, कैसे एक निवेशक यहां ट्रेड करके फायदा कमा सकता है। इन बातों पर चर्चा के लिए आज से सीएनबीसी-आवाज़ शुरु कर रहा हैं एसएमई कॉर्नर, इसमें एसएमई के आईपीओ और इनमें निवेश की सलाह पर भी बात होगी।


इस बीच देश में एसएमई आईपी की लोकप्रियता बढ़ी है। 2015 में 42 एसएमई आईपीओ से 265 करोड़ रुपये जुटाए गए। वहीं, 2016 में 66 आईपीओ से 540 करोड़ रुपये जुटाए गए। जबकि, 2017 में 133 आईपीओ से 1785 करोड़ रुपये जुटे। वहीं 2018 में अब तक 17 एसएमई आईपीओ से 187 करोड़ रुपये जुटाए गए हैं।


एसएमई प्लेटफार्म की बात करें तो इसका पूरा नाम स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज है। बीएसई, एनएसी पर छोटे और मझोले उद्योगों के लिए प्लेटफॉर्म हैं जिनके नाम बीएसई पर बीएसई एसएमई और एनएसई पर एसएमई इमर्ज हैं।


भारत में एसएमई सेक्टर की बात करें तो रोजगार और इकोनॉमी में इसका अहम योगदान। छोटा आकार, कम क्षमता इनके लिए बड़ी चुनौतियां है। टेक्नोलॉजी में पिछड़ापन भी इनके लिए बड़ी चुनौती है। लेकिन एसएमई के लिए पूंजी जुटाना सबसे बड़ी चुनौती है।


एसएमई प्लेटफॉर्म के नियमों की बात करें तो इसपर रजिस्टर्ड होने को लिए पेड-अप कैपिटल 3 करोड़ रुपये होनी चाहिए। 3 में से 2 साल कंपनी मुनाफे में होनी चाहिए। आईपीओ के लिए ट्रेडिंग लॉट 100 से 1000 के बीच होनी चाहिए।


पैंटोमैथ कैपिटल एडवाइजर्स के ग्रुप एमडी महावीर लुनावत ने सीएनबीसी-आवाज़ से बात करते हुए कहा कि एसएमई सेक्टर भारत की ग्रोथ स्टोरी की बहुत ही अहम हिस्सा है। पैंटोमैथ कैपिटल देश में एसएमई सेक्टर के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। पैंटोमैथ ने अब तक 65 से ज्यादा एसएमई आईपीओ में सहयोग करके अलग-अलग एसएमई के लिए 800 करोड़ रुपये से ज्यादा जुटाए हैं।