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टक्करः पिता के राज में बेटे की आर्थिक लूट

प्रकाशित Thu, 01, 2018 पर 09:33  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

सीएनबीसी-आवाज़ पर एक और डिबेट शो टक्कर शुरू हो गया है। इसमें सोमवार से शुक्रवार रात 09:00 बजे आपसे जुड़े हुए मुद्दे उठाए जाते हैं और सरकार से पूछे जाते हैं तीखे सवाल। टीवी पर बहस तो बहुत होती रहती हैं लेकिन वहां तू-तू, मैं-मैं के बीच आपके मुद्दे दब जाते हैं और आपके हक की आवाज़ गुम हो जाती है। इसलिए टक्कर में उन चेहरों से सीधे सवाल किए जाते हैं जिनकी आपके प्रति सीधी जवाबदेही बनती है। टक्कर महज एक शो नहीं है ये 130 करोड़ भारतीयों की एक बड़ी मुहिम है।


टक्कर में आज बात हो रही है पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम की गिरफ्तारी की और उसपर गरमाई राजनीति की। कार्ति चिदंबरम की गिरफ्तारी के बाद भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच भ्रष्टाचार पर तू-तू-मैं-मै शुरू हो गई है। कांग्रेस ने इसे नीरव मोदी, माल्या और जयेश शाह के मामलों से ध्यान बांटने का तरीका बताया है, तो बीजेपी ने कहा है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ राजनीति को ढाल बनाना गलत है। बीजेपी नेता सुब्रमणियन स्वामी ने तो यहां तक कह दिया कि अब पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम की बारी है।


कार्ति चिदंबरम की गिरफ्तारी के साथ ही सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच भ्रष्टाचार पर राजनीतिक जंग का एक और अध्याय शुरू हो गया है। पूरी संभावना है कि सोमवार से शुरू हो रहे बजट सत्र के दूसरे हिस्से में इसका असर देखने को मिलेगा। विपक्ष जहां बीजेपी पर भ्रष्टाचार को लेकर सेलेक्टिव होने का आरोप लगा रहा है तो कांग्रेस ने कार्तिक की गिरफ्तारी को सीधे-सीधे नीरव मोदी जैसे मामलों से ध्यान भटकाने का टैक्टिक्स बताया है। लेकिन सरकार कह रही है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ की गई कार्रवाई को राजनीति के चश्मे से देखना ठीक नहीं है।


दरअसल कार्ति चिदंबरम पर सीबीआई का आरोप है कि उन्होंने अपने पिता के प्रभाव का इस्तेमाल कर आईएनएक्स मीडिया में गलत तरीके से किए 305 करोड़ के विदेशी निवेश को मंजूरी दिलवाई। इसके एवज में उन्होंने अपनी कंपनियों के जरिए आईएनएक्स मीडिया के मालिकों से करोड़ो रुपए लिए। चुंकि वो जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे और सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर रहे थे, इसलिए उन्हें गिरफ्तार किया गया। लेकिन पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने बेटे का बचाव करते हुए एक बयान जारी कर कहा है कि आईएनएक्स मीडिया में विदेशी निवेश को मंजूरी देना उनका अकेले का नहीं बल्कि एफआईपीबी का सामूहिक निर्णय था। जबकि मामले को व्यक्तिगत तौर पर आगे बढ़ा रहे बीजेपी नेता सुब्रमणियन स्वामी का कहना है कि कार्ति के बाद पी चिदंबरम की बारी आएगी और भ्रष्टाचार के मामलों में कांग्रेस के बहुत से नेता जेल जाएंगे।