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योर मनीः लोन और क्रेडिट स्कोर, क्या है कनेक्शन

प्रकाशित Thu, 01, 2018 पर 13:12  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

योर मनी आपको ना सिर्फ निवेश से जुडी आर्थिक रणनीति बताता है, बल्कि आपके फाइनेंशियल व्यवहार और अनुशासन को बनाए रखने के लिए आपको सही राह भी दिखाता है। अकसर हम मनचाही जिंदगी जीने के लिए फाइनेंशियल लाइबलिटी में डूब जाते हैं। हम जरूरत से ज्यादा कर्ज लेते हैं, क्रेडिट कार्ड का गलत इस्तेमाल करते हैं, और भूल जाते हैं की इस तरह की फाइनेंशियल लाइफ हमें मुसीबत में भी डाल सकती है। योर मनी आपको इसी मुसीबत से बचाना चाहता है, और इसी लिए हम आपको आज क्रेडिट स्कोर के महत्तव को समझाएंगें। इसमें हमारा साथ देने के लिए मौजूद हैं ट्रांसयूनियन सिबिल की सीओओ हर्षला चांदोरकर और एटिका वेल्थ मैनेजमेंट के गजेंद्र कोठारी।


जानकारों का कहना है कि सिबिल स्कोर से पिछले कर्ज की जानकारी मिलती है। लोन, क्रेडिट कार्ड लेने के लिए अच्छा क्रेडिट स्कोर जरूरी होता है। वक्त पर ईएमआई देने से क्रेडिट स्कोर अच्छा रहता है और सिबिल स्कोर 300 से 900 प्वाइंट के बीच होता है। 750 प्वाइंट या उसके ज्यादा पर कर्ज मिलना आसान होता है। जितना अच्छा सिबिस स्कोर, उतनी आसानी से कर्ज मिलता है। सिबिल स्कोर में 24 महीने की क्रेडिट हिस्ट्री शामिल होती है।


जानकारों के मुताबिक सिबिल स्कोर को सुधारने के लिए समय पर अपने क्रेडिट कार्ड का भुगतान करें। लोन ईएमआई का वक्त पर भुगतान करें। लगातार 6 महीने तक वक्त पर कर्ज चुकाने से सुधार होता है। क्रेडिट कार्ड की पूरी लिमिट इस्तेमाल न करें और क्रेडिट कार्ड से ज्यादा लोन ना लें। साथ ही बहुत सारे लोन के लिए आवेदन ना करें।


समय-समय पर सिबिल स्कोर की समीक्षा करते रहें। होम लोन, ऑटो लोन जैसे सिक्योर्ड लोन को अहमियत दें। पर्सनल लोन लेने से बचें। क्रेडिट कार्ड अकाउंट बंद करने से बचें। ज्वाइंट अकाउंट खातों की समीक्षा करते रहें। सिबिल स्कोर की समीक्षा करते रहें। नया कर्ज लेने से पहले पुराने कर्ज का भुगतान करें। अच्छे सिबिल स्कोर से फटाफट कर्ज मिलता है। कई बैंकों में ब्याज दरें सिबिल स्कोर से तय करता है।


सिबिल रिपोर्ट मंगवाने के लिए आपको वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भरना होगा। आप www.cibil.com में जाकर फॉर्म डाउनलोड कर सकते हैं। इसके लिए आपको 550 रुपये का भुगतान करना होगा। इसमें एक बार ऑथेंटिकेशन प्रोसेस होगी और उस प्रोसेस के बाद आप सिबिल स्‍कोर और रिपोर्ट डाउनलोड कर सकते हैं। यह सिबिल स्‍कोर आपके ईमेल पर भी आएगा।


लोन और अकाउंट से जुड़ी जानकारी बैंक सिबिल को भेजते हैं। बैंकों की तरफ से भी गलती की काफी गुंजाइश होती है। बैंक की गलती होने आप बैंक के नोडल अफसर को लिखित में शिकायत कर सकते हैं। सिबिल की वेबसाइट पर डिस्प्यूट रिक्वेस्ट फॉर्म भरकर अपना पक्ष रख सकते हैं। डिस्प्यूट रिजॉल्यूशन सेल आपके शिकायत पर गौर करेगा। सुनवाई ना होने पर बैंक के लोकपाल www.bankingombudsman.rbi.org.in पर आप शिकायत कर सकते हैं।