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महिलाओं का मनी मंत्र, सीखें निवेश का तरीका

प्रकाशित Fri, 09, 2018 पर 14:24  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

वित्तीय साक्षरता आज पूरे देश की सबसे बडी जरूरत बन गई है, लेकिन इसमें भी बहुत जरूरी है कि महिलाएं अपने अर्थिक कर्तव्य को किचन या घर तक सीमित ना रखें। आपनी जिंदगी की डौर अपने हाथ में लेने का मतलब केवल जीवन के अहम फैसले लेना नही होता, अपने आपको बिना किसी पर निर्भर रहे, हर स्थिती का सामना करने के लिए सक्षम बनाना भी होता है, फिर चाहे वो मानसिक स्थ्ति हो या आर्थिक।


योर मनी अंतराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर फाइनेंशियल प्लानिंग के वो टिप्स देगा जो महिलाओं के जीवन में 4 अहम पडाव पर काम आएगें और इसमें हमारा साथ देने के लिए मौजूद हैं फाइनेंशियल प्लानर गोरव मशरूवाला और वाइस इनवेस्ट एडवाइजर के हेमंत रूस्तगी।


जानकारों का कहना है कि सिंगल वुमन अपने फाइनेंशियल प्लानिंग और आर्थिक जीवन की बागडोर अपने हाथ में रखें। पिता या भाई पर निर्भर ना रहें।करियर की शुरुआत से ही निवेश करें ताकि आर्थिक लक्ष्य और निवेश रणनीति तय हो सकें। इमरजेंसी फंड, हेल्थ इंश्योरेंस पर फोकस जरूरी करें। लाइफ इंश्योरेंस खरीदना भी जरूरी है। अगर उनपर कोई कर्ज है तो निवेश शुरु करने से पहले कर्ज को चुकाएं। घर खरीदना और रिटायरमेंट प्लान अहम लक्ष्य है। अपने निवेश और खर्चों में तालमेल बिठाएं। अपने करीबी को फाइनेंशियल पोर्टफोलियो, बीमा की जानकारी दें। अपने लिए पावर ऑफ अटॉर्नी बनाएं। सिंगल वुमन अपनी वसीहत जरूर बनाएं।


हाउसवाइफ के लिए जानकारों का मनाना है कि वह अपने परिवार की आर्थिक प्लानिंग समझने की जरूरत को महसूस कर आर्थिक तौर पर आजाद बनने की कोशिश करें। पति या बच्चों पर निर्भर ना रहें। महिलाओं में वित्तीय जागरूकता होना जरूरी है। पति पत्नी के साथ निवेश की जानकारी साझा करें।


वहीं सिंगल पेरेंट माता पिता, दोनों का रोल निभाना पड़ता है जिसके चलते उन्हें अपनी और बच्चों की जिम्मेदारी अकेले देखती हैं। परिवार के बजट का ध्यान दें।इ मरजेंसी फंड, हेल्थ, लाइफ इंश्योरेंस लेना जरूरी है। सिंगल पैरेंट कर्ज लेने से बचें। लक्ष्य के मुताबिक निवेश की रणनीति बनाएं। अपनी वसीहत जरूर बनाएं और बच्चों को फाइनेंशियल प्लानिंग का हिस्सा बनाएं।