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चीनी उत्पादन बढ़ने का अनुमान, भाव पर दबाव

प्रकाशित Fri, 09, 2018 पर 16:51  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

पिछले महीने मिलों की चीनी बिक्री पर सरकार ने सीमा लगाई थी। लेकिन ये सीमा किसी काम की नही रही। क्योंकि इसी हफ्ते चीनी मिलों के संगठन ने उत्पादन का अनुमान बढ़ाकर 295 लाख टन कर दिया है। अब पिछले साल से 45 फीसदी ज्यादा चीनी उत्पादन का अनुमान है।


बेशक ऐसे में ग्राहकों को सस्ती चीनी मिल रही है और महंगाई के फ्रंट पर ये अच्छी खबर है। लेकिन किसानों का 14000 करोड़ रुपये बकाया है। मिलों की दलील है कि इस भाव पर उन्हें लागत भी नहीं मिल रही। अब सरकार से एक्सपोर्ट रियायत की मांग हो रही है। लेकिन दुनिया भर में गिर रहे चीनी के भाव से एक्सपोर्ट से भी कितना मिलेगा सपोर्ट, जानेंगे आज।


चीनी का रिकॉर्ड उत्पादन होने का अनुमान है। इंडियन चीनी मिल एसोसिएशन ने इस साल चीनी का रिकॉर्ड उत्पादन होने का अनुमान लगाया है। इस साल देश में 295 लाख उत्पादन का अनुमान है जो पिछले साल की तुलना में 45 फीसदी ज्यादा है। दरअसल जानकारों का मानना है कि गन्ने में चीनी की रिकवरी बढ़ने से इस साल चीनी का उत्पादन बढ़ेगा और चीनी की कीमतों में गिरावट आयेगी।


भारत में चीनी बाजार को देखें तो इस साल देश में 295 लाख टन उत्पादन का अनुमान है जिसमें 250 लाख टन खपत होगा जबकि  45 लाख टन सरपल्स स्टॉक ऱखा जायेगा। इधर, चीनी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। दिल्ली में चीनी प्रति क्विंटल 3330-3450 रुपये के थोक भाव में मिल रहा है जबकि 3140-3270 रुपये प्रति क्विंटल मिल भाव में बिक रहा है। वहीं रिटेल भाव 38 प्रति किलो की कीमत में बिक रही है।


चीनी की कीमतों में आई गिरावट को रोकने के लिए सरकार ने चीनी  बिक्री की सीमा तय की है। चीनी इंपोर्ट पर 100 फीसदी इंपोर्ट ड्यूटी लगाई गई। अब चीनी के एक्सपोर्ट से ड्यूटी हटाने की तैयारी कर रही है। देश में 45 लाख टन सरप्लस स्टॉक का अनुमान है। ग्लोबल मार्केट में चीनी 1 साल के निचले स्तर पर कारोबार कर रहा है। भारत के मुकाबले विदेश में चीनी सस्ती है। विदेश में इस साल रॉ शुगर का दाम 12 फीसदी लुढ़का है जबकि पिछले 1 साल में ग्लोबल मार्केट में चीनी 28.5 फीसदी नीचे आई है।