योर मनीः इंश्योरेंस राइडर के क्या हैं फायदे -
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योर मनीः इंश्योरेंस राइडर के क्या हैं फायदे

प्रकाशित Fri, 11, 2018 पर 14:26  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

इंश्योरंस में राइडर एक एड ऑन कवर होता है, जो आपको पॉलिसी के फीचर्स पर अतिरिक्त कवरेज देता है। अक्सर जीवन बीमा या हेल्थ इंश्योरेंस लेते वक्त हम ये निर्णय नहीं ले पाते के किसी चीज के लिए पॉलिसी लें और किसके लिए राइडर। योर मनी आज आपकी इसी समस्या को सुलझाने की कोशिश करेगा और बताएंगे कि सही इंश्योरेंस पोर्टफोलियो बनाने के लिए क्या क्या होना जरूरी है और हमारा साथ देने के लिए मौजूद हैं 5nance.com की इंश्योरेंस हेड मंजू ढाके।


मंजू ढाके का कहना है कि इंश्योरेंस राइडर, इंश्योरेंस में एड ऑन कवर होता है। इसमें अतिरिक्त इंश्योरेंस कवर और फायदा मिलता है। राइडर को बेसिक पॉलिसी से जोड़ा जाता है। बेसिक पॉलिसी खत्म होते ही राइडर का कवरेज खत्म होता है। लाइफ, हेल्थ इंश्योरेंस से राइडर को जोड़ सकते है। एंडोमेंट, यूलिप से भी राइडर को जोड़ सकते हैं। राइडर के लिए ज्यादा प्रीमियम देना होगा।


मंजू ढाके ने आगे कहा कि राइडर के प्रीमियम पर 80सी के तहत टैक्स छूट मिल रहा है। हेल्थ, क्रिटिकल इलनेस राइडर को 80डी के तहत फायदा मिलेगा। सेक्शन 10(10डी) के तहत कर छूट के दायरे में राइडर पर टैक्स छूट मिलता है।


टर्म इंश्योरेंस राइडर में एक्सिडेंटल डेथ एंड बेनिफिट राइडर आते है। इसमें एचडीएफसी लाइफ- क्लिक टू प्रोटेक्ट 3D प्लस, जनराली लाइफ- फ्लेक्सी ऑनलाइन टर्म शामिल है। बेसिक टर्म इंश्योरेंस पर राइडर ले सकते हैं। इसके तहत डेथ होने पर नॉमिनी को एकमुश्त रकम मिलती है। फ्यूचर जनरल लाइफ- फ्लेक्सी ऑनलाइन टर्म के तहत पॉलिसी होल्डर को स्थायी विकलांगता के लिए राइडर मिलता है और आंशिक रूप से 5 से 10 साल तक प्रीमियम का 10 फीसदी मिलेगा।  


क्रिटिकल इलनेस बेनिफिट राइडर में एचडीएफसी लाइफ क्लिक टू प्रोटेक्ट 3डी प्लस और आईसीआईसीआई प्रु लाइफ- आईप्रोटेक्ट स्मार्ट इंश्योरेंस प्लान है। इसके तहतगंभीर बीमारियों के लिए राइडर मिलता है और पहली निदान पर एकमुश्त रकम दी जाती है।


हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत जोड़े जाने वाले राइडर भी मिलते है। क्रिटिकल इलनेस राइडर में गंभीर बीमारियों के लिए राइडर मिलती है। कवर की पूरी राशि एकमुश्त मिल जाता है। मैटरनिटी राइडर में वेटिंग पीरियड के बाद इसका इस्तेमाल होता है। वेटिंग पीरियड 24 महीना या ज्यादा का हो सकता है। बच्चे के जन्म के बाद से लेकर मैच्योरिटी तक का कवरेज मिलता है। बच्चे के जन्म के दौरान होने वाले खर्चों को राइडर कवर करता है।