कच्चे तेल में भारी गिरावट, क्या हो रणनीति -
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कच्चे तेल में भारी गिरावट, क्या हो रणनीति

प्रकाशित Mon, 14, 2018 पर 12:14  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

आज कच्चे तेल में भारी गिरावट आई है। इसका दाम 1.5 फीसदी तक लुढ़क गया है। दरअसल ग्लोबल मार्केट में तेज गिरावट आई है और ब्रेंट का दाम 77 डॉलर के नीचे आ गया है। दरअसल अमेरिका में ऑयल रिग की संख्या बढ़कर 3 साल के रिकॉर्ड स्तर पर चली गई है। ऐसे में वहां कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ने का अनुमान है। वैसे अमेरिका पहले से ही क्रूड का रिकॉर्ड उत्पादन कर रहा है और ये ओपेक के सबसे बड़े उत्पादक सऊदी अरब को भी पीछे छोड़ चुका है। वहीं दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादक रूस से मामूली पीछे है।


इस बीच घरेलू बाजार में सोने की चमक फीकी पड़ गई है। रुपये में मजबूती से इसकी कीमतों पर दबाव है। चांदी में भी करीब 100 रुपये की गिरावट आई है। हालांकि ग्लोबल मार्केट में सोने में मजबूती कायम है और ये 1320 डॉलर पर बना हुआ है। साथ ही डॉलर में आई नरमी से चांदी का दाम भी करीब 0.5 फीसदी बढ़ गया है।


बेस मेटल्स की बात करें तो जिंक को छोड़कर सभी मेटल में आज तेजी आई है। निकेल और लेड का दाम सबसे ज्यादा चढ़ा है। हालांकि लंदन मेटल एक्सचेंज पर एल्युमिनियम में लगातार तीसरे दिन दबाव है। दरअसल ग्लेनकॉर और रूसल ने एलएमई से राहत की मांग की है। इस बीच डॉलर के मुकाबले रुपये में मजबूती आई है और एक डॉलर की कीमत 67.20 रुपये के पास है।


एग्री कमोडिटीज का बात करें तो इस साल मॉनसून वक्त से पहले यानि 28 मई को केरल तटक पर दस्तक दे देगा। लेकिन इससे पहले देश भर में बेमौसम बारिश ने कहर ढा रखा है। कल उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और आंध्रप्रदेश के कई इलाकों में आई आंधी और बारिश से भारी नुकसान हुआ। कई जानें गईं। किसानों को भी इसका नुकसान उठाना पड़ा। खास करके मध्य प्रदेश के कई इलाकों में हुई बारिश से मंडियों में बेचने के लिए रखा सैकड़ों टन गेहूं बर्बाद हो गया है।


इस बीच चने की कीमतों में तेजी आई है और इसका दाम करीब 1.5 फीसदी उछल गया है। दरअसल सरकार विदेश से आने वाली दाल को लेकर सख्त हो गई है। अब सिर्फ मिलें ही अरहर, मूंग और उड़द का इंपोर्ट कर पाएंगी। डीजीएफ ने इसके लिए नोटिफिकेश जारी कर दिया है। आपको बता दें इनके इम्पोर्ट पर पिछले साल से ही प्रतिबंध है। लेकिन डब्ल्यूटीओ शर्तों की वजह से कुल 5 लाख टन दाल इम्पोर्ट की इजाजत है। लेकिन अब इसमें भी सरकार सख्त हो गई है। नए नियम के तहत ये दालें सीधे खुले बाजार में न पहुंचकर अब मिलिंग के बाद ही बाजार में जाएंगी। सरकार ने मिलों से 25 मई तक इम्पोर्ट के आवेदन मंगाए हैं। 1 जून तक सभी पात्र आवेदकों को 5 लाख टन में ही बराबर-बराबर मात्रा में कोटा जारी कर दिया जाएगा। इसके तहत हर हाल में 31 अगस्त तक इम्पोर्ट पूरा करना होगा।


उधर एक बड़ी खबर आ रही है मुंबई और मुदड़ा पोर्ट पर गैरकानूनी तरीके से आ रही अरहर को भारत सरकार ने रोक दिया है। सीएनबीसी-आवाज़ को सूत्रों से जानकारी मिली है कि कुछ कारोबारी पोर्ट आधिकारियों से मिलीभगत कर बाहर से अरहर का इंपोर्ट कर रहे थे। पिछले कुछ महीनों में वे कुछ माल उतारने में कामयाब भी हो गए थे लेकिन कारोबारियों की शिकायत के बाद विदेश व्यापार महानिदेशालय ने करीब 5 हजार टन अरहर को पोर्ट पर रोक दिया है। आपको बता दें भारत सरकार ने पिछले साल ही अरहर के इंपोर्ट पर रोक लगा चुकी है। सिर्फ डब्ल्यूटीओ शर्तें की वजह से कुछ लाख ही इंपोर्ट की इजाजत है।


कुंवरजी कमोडिटीज की निवेश सलाह


एमसीएक्स लेड (मई वायदा): खरीदें - 159, लक्ष्य - 163, स्टॉपलॉस - 157.8


एमसीएक्स चांदी (जुलाई वायदा): खरीदें - 40380, लक्ष्य - 40800, स्टॉपलॉस - 40100


कुंवरजी कमोडिटीज की निवेश सलाह


एनसीडीईएक्स चना (जून वायदा): खरीदें - 3585, लक्ष्य - 3670, स्टॉपलॉस - 3540


एनसीडीईएक्स कैस्टर सीड (जून वायदा): खरीदें - 4050, लक्ष्य - 4140, स्टॉपलॉस - 4000