बिगड़ा चीनी का स्वाद, खतरनाक है कोल्ड ड्रिंक की मिठास! -
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बिगड़ा चीनी का स्वाद, खतरनाक है कोल्ड ड्रिंक की मिठास!

प्रकाशित Mon, 14, 2018 पर 18:23  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

एफएसएसएआई ने और चीनी कंपनियां आमने-सामने आई है। चीनी के इस्तेमाल को लेकर विरोध है। पैकेज्ड फूड आइटम्स पर कलर कोडिंग करनी होगी। ज्यादा चीनी होने पर लाल रंग का निशान आता है। एफएसएसएआई को लोगों की सेहत की चिंता है।


चीनी बनाने वाली कंपनियां फूड रेगुलेटर एफएसएसएआई एक प्रस्ताव से नाराज हैं। ड्राफ्ट पॉलिसी के मुताबिक पैकेज्ड खाने-पीने का सामान बेचने वाली कंपनियों को सामान में ज्यादा चीनी, नमक या फैट होने पर पैकेट पर लाल रंग से निशान बनाना होगा। चीनी बनाने वाली कंपनियों का कहना है इससे उनके कारोबार पर असर पड़ेगा और लोगों में चीनी के इस्तेमाल को लेकर गलत संदेश जाएगा। चीनी उत्पादकों के संगठन इस्मा का कहना है कि कलर कोडिंग से चीनी की मांग कम होने का डर है। इस्मा का ये भी कहना है कि चीनी से नुकसान का वैज्ञानिक आधार नहीं है, ‌चीनी खाने से स्वास्थ्य को नुकसान नहीं होता।


जंक फूड की कलर कोडिंग से चीनी इंडस्ट्री चिंतित है। एफएसएसएआई ने कोई स्टडी नहीं कराई है। ‌चीनी खाने से स्वास्थ्य को नुकसान नहीं है, लेकिन इस प्रस्ताव से चीनी की मांग कम होगी। भारत में चीनी की प्रति व्यक्ति खपत कम है।


बता दें कि इससे बच्चों की भूख में तुरंत कमी होने लगती है। कैफीन से बच्चों की नींद को नुकसान होता है। साथ ही बच्चों में मोटापा बढ़ने की संभावना ज्यादा होती है।
 
जानकारों का मानना है कि रोजाना कोल्ड ड्रिंक पीना भारी पड़ सकता है क्योंकि  कोल्ड ड्रिंक में ज्यादा चीनी होती है। एक कैन में करीब 8-10 बड़े चम्मच चीनी का इस्तेमाल किया जाता है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रिशन की सलाह है कि एक दिन में 20-25 ग्राम चीनी ही लेनी चाहिए। ज्यादा मीठा खाने से सेहत को नुकसान होता है। इससे डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, दांत खराब होने और मोटापे की संभावनाएं ज्यादा हो जाती है।