मिडकैप कंपनियों पर सेबी की अतिरिक्त निगरानी -
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मिडकैप कंपनियों पर सेबी की अतिरिक्त निगरानी

प्रकाशित Mon, 04, 2018 पर 16:48  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

मार्केट रेगुलेटर सेबी ने 109 शेयरों को अडिशनल सर्विलांस मेजर यानि एएसएम की लिस्ट में डाल दिया है। मतलब इन कंपनियों में ट्रेड पर अतिरिक्त मार्जिन देना पड़ सकता है। इन कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट दिखी है। एएसएम शेयरों में ट्रेड पर 100 फीसदी मार्जिन देना होगा। शेयरों में सर्किट लिमिट घटाकर 5 फीसदी हो गया है। इस लिस्ट में शामिल शेयरों को बाद में टी2टी में डाला जा सकता है।


शेयरों में सट्टेबाजी रोकने के लिए ये कदम उठाया गया है। बता दें कि इन शेयरों जोरदार तेजी आई थी। अब एएसएम वाले शेयरों में इंट्राडे ट्रेडिंग संभव नहीं होगी। 100 फीसदी मार्जिन भरने पर ही इनकी खरीद संभव होगी। डीमैट में शेयर होने पर ही इनकी बिक्री संभव होगी। ब्रोकर इनके सौदे के लिए क्रेडिट नहीं दे सकता।


एएसएम लिस्ट में शामिल वाले कुछ प्रमुख शेयर हैं बॉम्बे डाईंग, भंसाली इंजीनियरिंग, एपेक्स फ्रोजेन, दिलीप बिल्डकॉन, गोवा कार्बन, गोल्डस्टोन इंफ्रा, ग्रेफाइट, एचईजी, एचआईएल, इंडियाबुल्स वेंचर्स, रेडिको खेतान, रेन इंडस्ट्रीज, प्रकाश इंडस्ट्रीज, सोरिल हाल्डिंग और वेंकीज।


उधर बाजार के जानकारों की नजर में तेजी से भाग रही मिडकैप कंपनियों पर सेबी का फैसला तो सही है मगर इसे गलत वक्त पर लिया गया है। के आर चोकसी सिक्योरिटीज के देवेन चोकसी के मुताबिक देश सेबी को फैसला उस वक्त लेना चाहिए था, जब इनमें बेतहाशा तेजी दिख रही है। उनके मुताबिक हमेशा की तरह इस मामले में भी मार्केट रेगुलेटर ने देरी से फैसला लिया है।