कंज्यूमर अड्डाः विटामिन डी कमी का पैमाना कितनी सही! -
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कंज्यूमर अड्डाः विटामिन डी कमी का पैमाना कितनी सही!

प्रकाशित Mon, 04, 2018 पर 18:44  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

अक्सर लोग विटामिन डी के लेवल को लेकर खास चिंतित रहते है, विटामिन डी की कमी का पता लगते ही सप्लिमेंट्स की शुरुआत होती है। लेकिन भारत में जिस पैरामीटर पर टेस्ट को देखा जा रहा है उसे लेकर डॉक्टरों ने इंटरनेशनल पैमाने से विटामिन  डी के टेस्ट को मापने का नजरिया बदलने की गुजारिश की है।


अंतराष्ट्रीय पैमाने पर देखा जाएं तो 0-20 ng/ml होने पर विटामिन  डी कम है जबकि 20-40 ng/ml होने पर आपमें अपर्याप्त विटामिन  डी है। वहीं 40 ng/ml से ऊपर होने पर पर्याप्त विटामिन डी है।
बता दें कि विटामिन डी धूप, भोजन और सप्लिमेंट से मिलती है।


विटामिन डी की जरुरत मजबूत हड्डियों के लिए होती है। विटामिन  डी के बिना कैल्शियम की कमी नहीं होती। कैल्शियम लेने के लिए शरीर को विटामिट डी चाहिए। 


विटामिन डी हड्डियों, मांसपेशियों की मजबूती के लिए होती है। इससे विटामिन डी की इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए काफी मददगार है। इससे ना केवल सूजन और इंफेक्शन से बचने के लिए में मदद मिलती है बल्कि कैंसर की आशंका कम होती है। विटामिन डी की कमी से कई तरह के दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। जैसे हड्डियों का कमजोर होना, मांसपेशियों का कमजोर होना,शरीर के निचले हिस्सों में दर्द होना, इम्यूनिटी का काम होना, लगातार थकान और सुस्ती बने रहना, पीरियड अनियमित होना और बालों का झड़ना दैसे कई दिक्कत है।


विटामिन डी के लिए धूप सबसे बढ़िया स्रोत है। हफ्ते में 1-2 दिन 45 मिनट के लिए धूप लेना जरुरी है। विटामिट डी लीवर में स्टोर होता है। शरीर धीरे-धीरे लीवर से विटामिन डी लेता रहता है। धूप में शरीर का 80-85 फीसदी हिस्सा खुला हो तो बेहतर है। विटामिन डी के लिए सुबह की धूप को अच्छा माना जाता है। 


ड्राई फ्रूट्स, कम फैट वाले डेयरी प्रोडक्ट, मछली, मशरूम, अंडे, दूध और उससे बनी चीजें, पालक, बीन्स, ब्रोकोली, चुकंदर, केला, संतरा, शहतूत, सिंघाड़ा जैसे खाने के पदा्थों में विटामिन डी मिलता है।