आरबीआईः रेपो रेट में 0.25% की बढ़ोतरी -
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आरबीआईः रेपो रेट में 0.25% की बढ़ोतरी

प्रकाशित Wed, 06, 2018 पर 14:34  |  स्रोत : Moneycontrol.com

रिजर्व बैंक ने क्रेडिट पॉलिसी में नीतिगत दरों में बदलाव का एलान किया है। आरबीआई ने रेपो रेट 0.25 फीसदी बढ़ाकर 6.25 फीसदी कर दिया है। रेपो रेट वो रेट होता है जिस पर आरबीआई बैंकों को कर्ज देता है। वहीं रिवर्स रेपो रेट भी 0.25 फीसदी बढ़कर 6 फीसदी हो गया है। सीआरआर में कोई बदलाव नहीं किया गया है, और ये 4 फीसदी पर बरकरार है। सभी एमपीसी सदस्यों ने दर बढ़ाने के पक्ष में वोट किया।


आरबीआई ने वित्त वर्ष 2019 ग्रोथ अनुमान 7.4 फीसदी पर बरकरार रखा है। अप्रैल-सितंबर के बीच जीडीपी ग्रोथ 7.5-7.6 फीसदी रहने का अनुमान है। अक्टूबर-मार्च के बीच जीडीपी ग्रोथ 7.3-7.4 फीसदी रहने का अनुमान है। आरबीआई ने महंगाई दर का अनुमान बढ़ा दिया है। अप्रैल-सितंबर के बीच महंगाई दर 4.8-4.9 फीसदी रहने का अनुमान है। अक्टूबर-मार्च के बीच महंगाई दर 4.7 फीसदी रहने का अनुमान है। आरबीआई के गवर्नर उर्जित पटेल का मानना है कि ब्याज दरों में बढ़ोतरी के पीछे एफआईआई की बिकवाली वजह नहीं है।


क्रेडिट पॉलिसी में हाउसिंग सेक्टर खासकर अफोर्डेबल हाइसिंग के लिए कुछ अच्छी खबर आई है। अब प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लोन सीमा बढ़ा दी गई है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रॉयोरिटी सेक्टर लेंडिंग लोन सीमा बढ़ा दी गई है। बड़े शहरों के लिए ये सीमा 28 लाख से बढ़ाकर 35 लाख रुपये और छोटे शहरों के लिए 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दी गई है। 10 लाख से ज्यादा के आबादी वाले शहर बड़े शहर की श्रेणी में आते हैं। इसके साथ ही ज्यादा एनपीए बनने की वजह से छोटे होम लोन पर सख्ती की गई है जिसके चलते अब 2 लाख तक के होम लोन पर लगाम लगेगी।


श्रीराम ट्रांसपोर्ट के एमडी और सीईओ उमेश रेवांकर का कहना है कि वो बढ़ोतरी ग्राहकों को पास ऑन करेंगे। डिमांड मजबूत होने कि वजह से कारोबार पर असर नहीं होगा। वहीं फेडरल बैंक के ईडी और सीईओ आशुतोष खजूरिया का कहना है कि बेंकों ने डिपॉजिट पर रेट बढ़ाना पहले ही शुरू कर दिया था और अब लोन भी कुछ महंगा होगा।