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योर मनीः कर्ज हुआ महंगा, बढ़ेगा ईएमआई का बोझ

प्रकाशित Thu, 07, 2018 पर 16:10  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

साढ़े 4 साल के बाद, आरबीआई ने सबको चौंका दिया। रिजर्व बैंक ने ब्याज दरों में चौथाई परसेंट की बढ़ोतरी कर दी है। आरबीआई ने रेपो रेट 0.25 फीसदी बढ़ाकर 6.25 फीसदी कर दिया है। रेपो रेट वो रेट होता है जिसपर आरबीआई बैंकों को कर्ज देता है। वहीं रिवर्स रेपो रेट भी 0.25 फीसदी बढ़कर 6 फीसदी हो गया है। सीआरआर में कोई बदलाव नहीं किया गया है, और ये 4 फीसदी पर बरकरार है। आरबीआई का कहना है कि सभी एमपीसी सदस्यों ने दर बढ़ाने के पक्ष में वोट किया। इसके अलावा आरबीआई ने वित्तवर्ष 19 का ग्रोथ अनुमान 7.4 फीसदी पर बरकरार रखा है।


अप्रैल-सितंबर के बीच जीडीपी ग्रोथ 7.5-7.6 फीसदी और अक्टूबर-मार्च के बीच 7.3-7.4 फीसदी रहने का अनुमान है। साथ ही आरबीआई ने महंगाई दर का अनुमान बढ़ा दिया है। अप्रैल-सितंबर के बीच महंगाई दर 4.8-4.9 फीसदी और अक्टूबर-मार्च के बीच महंगाई दर 4.7 फीसदी रहने का अनुमान है।


फाइनेंशियल प्लानर अर्णव पंड्या का कहना है कि ब्याज दरों में बढ़ोतरी से सभी तरह के लोन की दरों में बढ़ोत्तरी होगी। वहीं बैंक, हाउसिंग फाइनेंस बैंकों ने एमसीएलआर बढ़ाया है, जिसमें एसबीआई, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई बैंक, पीएनबी और बैंक ऑफ बडौदा, यूबीआई और महिंद्रा बैंक ने 0.50 फीसदी से 0.20 फीसदी एमसीएलआर बढ़ाया है।  एमसीएलआर बढ़ोत्तरी पर होम लोन पर ज्यादा असर होता है। आरबीआई के एक्शन से कर्ज और महंगा होने का डर होता है।


अब आपके होम, ऑटो और पर्सनल लोन की ईएमआई बढ़ेगी। सभी बड़े बैंकों ने एमसीएलआर दरों में बढ़ोतरी कर दी है। एमसीएलआर में बढ़त लागू हो गई है। एसबीआई ने एमसीएलआर दरों में 0.10 फीसदी की, आईसीआईसीआई बैंक ने 0.10 फीसदी और कोटक महिंद्रा बैंक ने 0.20 फीसदी की बढ़ोतरी की है।