आवाज़ आंत्रप्रेन्योर: सोलर पावर में स्टार्टअप की एनर्जी -
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आवाज़ आंत्रप्रेन्योर: सोलर पावर में स्टार्टअप की एनर्जी

प्रकाशित Sat, 09, 2018 पर 18:58  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

सोलर पावर, एनर्जी का एक ऐसा साधन जो रिन्यूएबल भी है और इको- फ्रेंडली भी। भारत जैसे देश में बढ़ती बिजली की खपत और मांग के चलते इस एनर्जी सोर्स की जरूरत भी है। सोलर इंडस्ट्री में लंबा वक्त बिता चुके गगन विरमानी ने इस जरूरत को करीब से समझा और इस पर काम भी किया। लेकिन अपने इस अुनभव से उन्होंने जाना कि सोलर पावर की क्षमता को पूरी तरह भुनाने के लिए इसकी पहुंच बढ़ाने की सख्त जरूरत है। इसी मकसद के साथ गगन ने स्टार्टअप की दुनिया में कदम रखा और शुरुआत हुई रूफटॉप सोलर सॉल्यूशन देने वाली कंपनी माई सन की।


माई सन एक ऑनलाइन प्लैटफॉर्म है जो रूफटॉप सोलर पैनल लगाने का काम करती है। कंपनी की शुरुआत एक सोलर मार्केटप्लेस के तौर पर 2016 में हुई। इसके बाद कंपनी ने अपनी पहचान को सिर्फ सोलर पैनल लगाने से आगे बढ़ाया और अब ये कंपनी रूफटॉप सोलर से जुड़ी सभी सुविधाएं भी मुह्य्या कराती है। कंपनी का काम शुरु होता है ग्राहकों को सोलर पैनल लगवाने के फायदे बताने से। इसके लिए कंपनी मदद लेती है अपने एडवांस्ड सोलर कैलक्यूलेटर की। इस कैलक्यूलेटर पर सिर्फ बिजली का बिल और लोकेशन डालकर आपका सोलर स्कोर बताया जाता है। ये सोलर स्कोर बताता है कि आपको कितने वॉट का सोलर पैनल लगाने की जरूरत है, इस पर कितना खर्च आएगा और कितनी बचत होगी। इससे ग्राहकों को बिना ज्यादा मेहनत किए सोलर पैनल लगाने का फायदा पता लग जाता है। सोलर पैनल लगाने के इरादे  को फैसले में बदलने के लिए कंपनी फाइनेनांस की सुविधा भी देती है। ईजी इंस्टॉलमेंट्स और कुछ इंट्रेस्ट फ्री लोन जैसी सुविधाएं ग्राहकों के लिए सोलर चुनने को आसान और लुभावना बनाती हैं।


माई सन B2B और B2C मॉडल पर काम करती है। कंपनी कम एनर्जी रिक्वायरमेंट यानी रिटेल कस्टमर और छोट और मझोले कारोबार तक सोलर पैनल को बेचती है। हालांकि कंपनी कुछ बड़े प्लेयर के साथ भी काम करती है लेकिन  फिलहाल एमएसएमई और रिटेल कस्टमर पर ही फोकस बनाए रखना चाहती है। इस सेगमेंट तक पहुंच बनाने के लिए कंपनी को कड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। सोलर के इस सेगमेंट में खास पॉप्यूलर न होना और बिखरी हुई जानकारी एक बड़ा चैलेंज बना। लोगों को सोलर के फायदे औऱ उसे लगाने के झंझट को कम से कम करने पर कंपनी ने काफी मशक्क्त की । इन चुनौतियों का सामना करते हुए अपने ब्रैंड को सोलर पावर का नंबर 1 ब्रांड बनाने के लिए कंपनी ने सर्विसेज को मजबूत बनाया। इसमें 25 साल तक आफ्टर सेल सर्विस  और सोलर पैनल को रिमोटली मॉनिटर करने जैसी सर्विसेज शामिल की गई।


कंपनी अपना ज्यादातर काम दिल्ली बेस्ड ऑफिस तक करती है। लेकिन अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए राजस्थान और पंजाब के कई शहरों में भी पहुंच रही है जिसके लिए कंपनी मदद लेती है अपने पार्टनर्स की। माई सन अब तक राजस्थान, पंजाब और दिल्ली समेत 50 प्रॉजेक्ट लगा चुकी है। दूसरे शेहरों में पहुंच बनाने के लिए कंपनी अपनी टीम और पार्टनर के साथ मिलकर काम करती है और यहां रेवेन्यू शेयरिंग पर काम होता है। कंपनी प्रॉडक्ट सेल और सर्विसिंग के जरिए रेवेन्यू कमाती है। रेवेन्यू का ज्यादातर हिस्सा एमएसएमई से आता है, हालांकि कंपनी का मानना है कि रिटेल सेक्टर सोलर डिमांड में जल्द ही तेजी से आगे बढ़ेगा। सोलर सॉल्यूशन स्टार्टअप का ये कारोबार इनवेस्टमेंट हेवी है, स्केल अप करने के लिए निवेश की जरूरत बढ़ती जाती है। माई सन को शुरुआती दौर में ही हेमंत तनेजा से 2.5 मिलियन डॉलर के सीड फंड की मदद मिली। इस निवेश का बड़ा हिस्सा जाता है मैनपावर जुटाने में।


माई सन तेजी से आगे बढ़ने के लिए महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश के दूसरे शेहरों तक पहुंच बनाने पर काम कर रही है। कंपनी का लक्ष्य है आने वाले 5 सालों में माई सन को 100 शेहरों में पहुंचाते हुए देश का सबसे बड़ा सोलर डिस्ट्रीब्यूटर ब्रैंड बनाना। इस बाजार में माई सन को टक्कर देने के लिए ऊर्जा, 8 मिनट्स, रीन्यू पावर वेंचर्स जैसे स्टार्टअप्स के अलावा हिंदुस्तान पावर प्रॉजेक्ट्स और टाटा पावर जैसे बड़े प्लेयर भी मौजूद हैं। सोलर पावर की जरूरत और सरकारी लक्ष्य को पूरा करने को देखते हुए एंड टू एंड सोलर  सॉल्यूशन प्रोवाइडर के लिए बाजार काफी बड़ा है और ढेर साके मौके से भरा हुआ है। लेकिन इस बिखरे हुए बाजार और ग्राहकों में जागरूक की कमी के बीच अपनी पहचान बनाने के लिए मशक्क्त भी कम नहीं होगी।