रियल एस्टेट गाइड: कैसा है गुरुग्राम का एटीएस ककून प्रोजेक्ट -
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रियल एस्टेट गाइड: कैसा है गुरुग्राम का एटीएस ककून प्रोजेक्ट

प्रकाशित Tue, 12, 2018 पर 11:26  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

दिल्ली के साउथ वेस्ट में बसा शानदार शहर गुरुग्राम। इस शहर को दिल्ली की सैटेलाइट सिटी के तौर पर भी जाना जाता है। 1970 में लीडिंग ऑटोमोबाइल कंपनी मारूति के मैन्युफैक्चरिंग प्लान्ट लगने के बाद इस शहर की रफ्तार बदली और आज के गुरुग्राम में देश ही नहीं दुनियाभर की जानी मानी कंपनियों ने अपना ठिकाना बनाया है। एनसीआर का बेहद खास हिस्सा होने के साथ ही गुरुग्राम लाखों लोगों के रोजगार का जरिया है जिसकी वजह से यहां का इफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट कम वक्त में काफी तेजी से बढ़ा है। प्रॉपर्टी की अच्छी मांग होने के चलते गुरुग्राम के नए सेक्टर्स में ढेरों प्रॉपर्टी डेस्टिनेशन तैयार हो रहे हैं। इन्हीं में से एक हैं गुरुग्राम का सेक्टर 109 जो कि द्वारका मानेसर एक्सप्रेस वे से लगा हुआ है साथ ही दिल्ली बॉर्डर भी सेक्टर 109 से बेहद करीब है। कनेक्टिविटी की बात करें तो द्वारका सेक्टर 21 का मेट्रो स्टेशन यहां से नजदीक है तो वहीं इंटरनेशनल एयरपोर्ट भी यहां से काफी करीब है। यही कुछ वजह गुरुग्राम सेक्टर 109 को एक उभरता हुआ प्रॉपर्टी मार्केट बनाती है, ऐसी अनेक वजहों के चलते यहां गोदरेज, एटीस समेत कई बड़े डेवलपर्स अपने प्रोजेक्ट तैयार कर रहे हैं।


अब बात करते हैं एनसीआर के नामचीन डेवलपर एटीएस ग्रुप के बारे में। एटीएस ग्रुप 17 साल से भी ज्यादा वक्त से रियल एस्टेट के कारोबार में हैं। कंपनी के प्रमुख गीताम्बर आनन्द एटीस ग्रुप के अलावा देशभर के रियल एस्टेट डेवलपर्स की संस्था क्रेडाई के चेयरमैन भी हैं। नोएडा में अपने पहले प्रोजेक्ट एटीएस ग्रीन से शुरू हुई एटीएस ग्रुप ने ढेरों प्रोजेक्ट बनाए और पूरा फोकस रेजीडेंशियल प्रोजेक्ट पर ही रखा। एटीस ग्रुप उत्तर भारत के रियल एस्टेट को खास तरजीह देती है यही वजह है कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम और चंडीगढ़ जैसे शहरों में कंपनी के प्रोजेक्ट हैं। एटीएस क्वालिटी कंस्ट्रक्शन और वक्त पर डिलीवरी को लेकर काफी गंभीर रहती है। यही वजह है कि कंपनी ने ग्राहकों की नजर में अपनी एक खास जगह और मार्केट में एक अलग ही पहचान बनाई है। यही वजह है कि आज एटीएस के प्रोजेक्ट्स में 20 हजार से ज्यादा लोग रह रहे हैं।


अब बात करते हैं एटीएस ग्रुप के प्रोजेक्ट एटीस ककून की। एटीस ककून बन रहा है गुड़गांव की खास और उभरती हुई लोकेशन सेक्टर 109 में। एटीएस ने इस प्रोजेक्ट को चिनटेल्स ग्रुप के साथ कॉलब्रेशन करके बनाया है। 11 एकड़ के इस प्रोजेक्ट को काफी खूबसूरती के साथ प्लान किया गया है। इस प्रोजेक्ट में कुल 6 हाइ राइज टॉवर्स हैं जिनमें 3 और 4 बेडरूम के घर बनाए गए हैं। इसमें 3 बेडरूम में 2 तरह के ऑप्शन हैं और 4 बेडरूम में एक। इनके एरिया को देखें को 3 बेडरूम का एरिया 1745 वर्गफुट है तो वहीं 2095 वर्गफुट के 3 बेडरूम फ्लैट में सर्वेंट क्वॉटर भी दिया गया है। 4 बेडरूम का एरिया है 3045 वर्गफुट और सबसे बड़े घर यानि पेंट हाउस का एरिया है 4450 वर्गफुट और 1875 वर्गफुट का टेरेस एरिया। यहां सभी तरह के करीब 444 घर बनाए गए हैं।


एटीएस ककून को डिजाइन किया है देश के जाने माने आर्किटेक्ट हफीज कॉन्ट्रैक्टर ने। इसमें टॉवर्स का प्लेसमेंट इस तरह से किया गया है कि किसी भी दिशा से हवा को आने में बाधा ना हो। हर घर में क्रॉस वेंटिलेशन और सूर्य के प्रकाश के साथ ही प्राइवेसी का भी यहां खास ध्यान रखा गया है। एटीएस अपने हर प्रोजेक्ट में लैंडस्केप और खुलेपन का खास ख्याल रखती है जिसका अहसास आपको प्रोजेक्ट के चारो ओर फैली हरियाली से हो जाएगा। यहां सभी 6 टॉवर्स के बीच काफी बड़ा लॉन और ग्रीन एरिया बनाया गया है। इसी ग्रीन एरिया के बीच वॉक वे और सिटिंग एरिया भी बनाया गया है।


एटीएस ककून का एलिवेशन और कंस्ट्रक्शन जितना शानदार है उतनी ही शानदार है यहां मौजूद एमिनिटीज। सेंट्रल लॉन एरिया में ही  क्लब हाउस बनाया गया है, क्लब के बीचों-बीच बच्चों और बड़ों के लिए काफी बड़ा स्वीमिंग पूल है, मॉर्डन जिम्नेजियम है, टेबल टेनिस, बिलियर्ड्स और पूल जैसे इनडोर गेम्स भी हैं।


एटीएस ककून में 6000 वर्गफुटका भाव है इसे थोड़ा विस्तार में समझें तो 1745 वर्गफुट वाले 3 बेडरूम की कीमत होगी करीब 1.25 करोड़ तो वहीं 2095 वर्गफुट वाले 3 बेडरूम की कीमत होगी करीब 1.50 करोड़. 3045 वर्गफुट के 4 बेडरूम की कुल कीमत बनती है करीब 1.90 करोड़ तो वहीं 1850 वर्गफुट टैरेस के साथ 4450 वर्गफुट वाले पेंट हाउस की कीमत होगी करीब 3.75 करोड़ रुपये।


ऐसा नहीं की एटीएस ककून में सिर्फ हायर इनकम वालों के लिए घर बनाए जा रहे हैं। सरकारी नियमों के तहत एटीएस ककून में ईडब्ल्यूएस यानि आर्थिक तौर पर कमजोर लोगों के लिए भी 106 घर बनाए गए हैं जिसे सरकार द्वारा संचालित लॉटरी सिस्टम के जरिए लोगों को अलॉट किया जाता है।