कोचिंग क्लासेज की मनमानी पर कसेगी नकेल -
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कोचिंग क्लासेज की मनमानी पर कसेगी नकेल

प्रकाशित Wed, 13, 2018 पर 08:52  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

महाराष्ट्र सरकार कोचिंग क्लासेज की मनमानी पर नकेल कसने जा रही है। पिछली ड्राफ्ट पॉलिसी के विरोध देखते हुए राज्य सरकार ने उसमें कुछ सुधार किए हैं और नया ड्राफ्ट जारी किया है। हालांकि कोचिंग क्लासेस अभी भी इसका विरोध कर रहे हैं। लेकिन अगर ये कानून अमल में आता है तो ये दूसरे राज्यों के लिए भी एक नजीर बनेगा।


महाराष्ट्र में टॉपरों की तस्वीरों वाले कोचिंग क्लासेज के विज्ञापन पर रोक लगने वाली है। ये रोक महाराष्ट्र सरकार के कोचिंग इंस्टीट्यूट्स को रेगुलेट करने के लिए प्रस्तावित कानून का हिस्सा है। नए ड्राफ्ट में कोचिंग क्लासेज की रेगुलर ऑडिट उनके ग्रेडिंग, फी स्ट्रक्चर पर कई बड़े प्रस्ताव रखे गए हैं। नए ड्राफ्ट के अनुसार अब कोचिंग क्लासेस को फीस बढ़ाने से पहले सरकार से इजाजत लेनी होगी, हर 3 साल में लाइसेंस रिन्यू करना होगा और उन्हें रैंकिंग भी दी जाएगी। हर कोचिंग संस्थान को मेरिट के आधार पर 5 फीसदी तक गरीब छात्रों को मुफ्त पढ़ाना होगा और एक क्लास में 80 से ज्यादा एडमिशन लेने के लिए सरकार से इजाजत लेनी होगी।


कोचिंग क्लासेज के रेगुलेशन पर महाराष्ट्र सरकार की ये दूसरी ड्राफ्ट पालिसी हैं। पहले की पॉलिसी में कैश फीस लेने पर रोक थी लेकिन अब इसकी इजाजत दे दी गई है और इंस्टीट्यूट की प्रॉफिट में पहले सरकार 5 फीसदी हिस्सा मांग रही थी जिसे घटाकर अब 1 फीसदी कर दिया गया है। लेकिन कोचिंग क्लासेज इसे भी नाजायज मान रहे हैं।


प्रस्तावित कानून से कोचिंग वाले खुश नहीं हैं लेकिन अभिभावक इसका स्वागत कर रहे हैं। बता दें कि शिक्षा राज्य सरकार के दायरे में आती है लेकिन फिलहाल स्कूल और कॉलेज ही सरकारी नियमों के अधीन हैं ऐसे में अगर  कोचिंग क्लासेज के लिए नियम लाया जाता है तो महाराष्ट्र सरकार ऐसा पहला राज्य बन जायेगा और दूसरे राज्यों में भी इसकी मांग उठेगी।