टैक्स गुरुः सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव, बचाएंगा टैक्स -
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टैक्स गुरुः सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव, बचाएंगा टैक्स

प्रकाशित Wed, 13, 2018 पर 18:00  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही आम आदमी ही नहीं जानकार भी घबराने लगते हैं। कारण है कि आयकर कानूनों में इतने सारे पेंच है कि किसी के लिए भी इन्हें समझना टेढ़ी खीर साबित हो सकती है। इनकम टैक्स भरने का समय करीब आ रहा है जरुरी है कि आप इनसे जुड़े नियमों में बदलाव को जाने और समझें। ऐसे ही मौकों पर टैक्स गुरू अपनी जानकारी और अनुभव का खजाना लेकर आते हैं और करते हैं टैक्स से जुड़ी मुश्किलों को दूर। आज आपके टैक्स से जुड़े मुश्किल सवालों का जवाब देंगे टैक्स एक्सपर्ट बलवंत जैन की सलाह।


सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव और टैक्स की देनदारी को समझाते हुए बलवंत जैन का कहना है कि बैसिक सैलरी ज्यादा होने पर रिटायरमेंट में ज्यादा फायदा मिलेगा। सैलरी का फिक्स पार्ट ज्यागा रखने की कोशिश करें। एम्प्लॉयर से सैलरी का 10 फीसदी एनपीएस में निवेश करवाएं। सेक्शन 80सीसीडी2 के तहत टैक्स में छूट मिलेगी। 60 साल की उम्र के बाद 40 फीसदी पैसे से पेंशन खरीदनी होगी जबकि 40 फीसदी पैसा एक मुश्त टैक्स फ्री मिल जाएगा। वहीं 20 फीसदी पैसे से पेंशन खरीद सकते है या टैक्स चुकाकर निकाल सकते है।


बलवंत जैन ने आगे बताया कि 1.5 लाख रुपये तक सुपर एन्युशन खरीद सकते हैं। 1.5 लाख रुपये टैक्स फ्री होगा। एचआरए का पार्ट भी सैलरी में ले सकते हैं। मां- बाप के साथ रहने पर भी एचआरए ले सकते है। किराए का लगातार भुगतान होना चाहिए। कंपनी से निवास मिलने पर भी फायदा होगा। फूड कूपन के साथ 5000 रुपये तक के गिफ्ट ले सकते है। वहीं कंपनी से गाड़ी लेने पर 2400 से 3300 रुपये तक के टैक्स छूट मिल सकती है। खुद के भुगतान करने पर 25000 रुपये तक की टैक्स छूट ले सकते है। एलटीए लेने पर भी टैक्स बचेगा। 4 साल में 2 बार देश के अंदर ट्रैवलिंग का खर्चा क्लेम कर सकते है।