Moneycontrol » समाचार » बाज़ार खबरें

कंज्यूमर अड्डा: दूसरे चरण में जीएसटी से दोहरी उम्मीदें

प्रकाशित Tue, 03, 2018 पर 09:58  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

जीएसटी एक बहुत बड़ा रिफॉर्म था जिसे मोदी सरकार ने बढ़ी दृढ़ता के साथ लागू किया। सभी राजनीतिक दलों ने भी मतभेदों से ऊपर उठकर इसमें सरकार का साथ दिया और इस लिहाज से जीएसटी काउंसिल की तारीफ करनी होगी। इकोनॉमी में सुस्ती और इंडस्ट्री की आशंकाओं के बीच जीएसटी ने अब साल पूरा कर लिया है और सरकार भी कह रही है कि टैक्स कलेक्शन अब संतोषजनक स्तर पर आ चुका है। ऐसे में अब दो मोर्चे ऐसे हैं जहां राहत की बड़ी उम्मीदें हैं। एक तो कंज्यूमर इस बात का इंतजार कर रहा है कि कुछ चीजें टैक्स स्लैब में नीचे आएंगी, उनपर टैक्स घटेगा। दूसरा, कारोबारी अब और सहूलियत चाहते हैं ताकि कंप्लायंस और आसान हो सके। इन उम्मीदों के पूरा होने की क्या संभावना है, कंज्यूमर अड्डा में आज इसी पर बात होगी।


जानकारों के मुताबिकजीएसटी में कुछ कमियां रह गई हैं और नियम आसान बनाने की जरूरत है। जीएसटी के कॉम्प्लायंस में दिक्कत है। तकनीकी समस्या से भी मुश्किलें बढ़ी हैं। कई रजिस्ट्रेशन से मुश्किल हो रही है। एक्सपोर्टर्स को रिफंड में दिक्कत हो रही है। एक्सपोर्ट्स रिफंड मैकेनिज्म जटिल है। डाटा मैचिंग लॉ में भी जटिलता है। पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स जीएसटी से अभी बाहर हैं।


उम्मीद है कि जीएसटी के दूसरे चरण में कंज्यूमर पर टैक्स का बोझ घटेगा। कुछ आइटम्स पर जीएसटी दरें घटेंगी। 28 फीसदी के स्लैब से चीजें निकलेंगी, जरूरी चीजें कम रेट के स्लैब में आएंगी, नियम आसान बनाए जा सकते हैं। ऐसी जानकारी भी मिली है कि 10 से ज्यादा नियमों की लिस्ट तैयार है। रिटर्न फाइल करने के लिए एक फॉर्म हो सकता है। कंपोजिशन स्कीम की सीमा भी बढ़ेगी। 15 दिन में ग्राहकों के लिए हेल्पलाइन की सुविधा मिल सकती है। बिल नहीं देने वालों की शिकायत की भी व्यवस्था होगी।