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सीए पर टेढ़ी नजर, क्या कॉरपोरेट गवर्नेंस में होगा सुधार!

प्रकाशित Thu, 12, 2018 पर 08:40  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

पहले कुछ कंपनियों में कॉरपोरेट गवर्नेंस के मामले, फिर नोटबंदी में काला-सफेद का खेल और उसके बाद नीरव मोदी जैसे बैंकिंग घोटाले - इन सबने हिसाब-किताब और बही को सही करने वाले चार्टर्ड अकाउंटेंट्स पर सरकार का नजरिया बदल दिया। और अब सरकार सीए साहिबान पर लगाम कसने की पूरी तैयारी कर चुकी है। सरकार ने चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के कामकाज की निगरानी, समीक्षा, जांच और उनपर नियंत्रण के लिए सख्त नियम तैयार किए हैं और ये सारी जिम्मेदारी नेशनल फाइनेंशियल रेग्युलेटरी अथॉरिटी को देने जा रही है।


अभी तक चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की सर्वोच्च संस्था इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया ही चार्टर्ड अकाउंटेंट्स बनाने से लेकर उनपर निगरानी रखने का काम करती थी। लेकिन आईसीएआई के अधिकार सीमित होंगे - यानि अब आप कह सकते हैं कि आईसीएआई चार्टर्ड अकाउंटेंट्स तैयार करेगी लेकिन उन्हें काम करना होगा एनएफआरए यानि नेशनल फाइनेंशियल रेग्युलेटरी अथॉरिटी की देखभाल में आज कंज्यूमर अड्डा में इसी पर बात होगी।
 
नेशनल फाइनेंशियल रिपोर्टिंग अथॉरिटी के नियमों के तहत अब अथॉरिटी में सीए का रजिस्ट्रेशन होगा। रजिस्ट्रेशन के लिए 7 शर्तों का प्रस्ताव रखा जायेगा, जिसके तहत दागी ऑडिटरों का रजिस्ट्रेशन नहीं होगा। फर्म रजिस्ट्रेशन के लिए पार्टनर की योग्यता अनिवार्य होगी। रजिस्ट्रेशन में फिट एंड प्रॉपर होने की शर्त रखी जायेगी यानि ऑडिटर की छवि अच्छी होनी चाहिए। वहीं 6 महीने से ज्यादा की सजा पर सख्ती है। अगर किसी प्रकार की गड़बड़ी पाई जाती है तो ऑडिटर का रजिस्ट्रेशन रद्द होगा। ऑडिटर्स के लिए कोड ऑफ कंडक्ट होगा और अकाउंटिंग, ऑडिट का स्टैंडर्ड तय किया जायेगा। पहले इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑडिटर्स का स्टैंडर्ड तय करता था, लेकिन अब वह केवल सिफारिशे भेज पाएंगा। अब ऑडिट की समीक्षा अथॉरिटी करेंगा। इन नियमों का जल्द ही नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा।


बता दें कि एनएफआरए यानि नेशनल फाइनेंशियल रिपोर्टिंग अथॉरिटी कंपनीज एक्ट, 2013 में पहली परिकल्पना है। एनएफआरए को कैबिनेट से मंजूरी मिल चुकी है। एनएफआरए का नोटिफिकेशन जारी हो चुका है। अब एनएफआरए के नियमों को अंतिम देना बाकी है। एनएफआरए ऑडिटरों का स्वतंत्र रेगुलेटर होगा जो सभी लिस्टेड कंपनियां, पीएसयू के दायरे में होंगी।