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क्रेडिट-डेबिट कार्ड से पेमेंट बंद होने का बड़ा खतरा

प्रकाशित Fri, 05, 2018 पर 16:22  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

नोटबंदी के बाद देश में डिजिटल पेमेंट का चलन तेजी से बढ़ा है, लेकिन अब डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और कई ऑनलाइन पेमेंट सिस्टम के बंद होने का खतरा मंडराने लगा है। इसके पीछे वजह है आरबीआई का वो आदेश, जिसमें कहा गया था कि कंपनियां 15 अक्टूबर तक भारत के ग्राहकों का डेटा सिर्फ भारत में स्टोर करना शुरू कर दें। आज कंपनियों ने वित्त मंत्री से मुलाकात कर रियायत की मांग की हैं।


वीजा, मास्टरकार्ड, गुगल के प्रतिनिधि वित्त मंत्री से मुलाकात कर डेटा स्टोर के लिए और वक्त मांगा है। डेटा स्टोर करने के लिए आरबीआई ने 15 अक्टूबर तक का वक्त दिया है, लेकिन कंपनियां 15 अक्टूबर से डेटा स्टोर करने में सक्षम नहीं है। कंपनियों की दलील है कि डेटा स्टोर करने में करीब 2 साल का वक्त लगेगा। कंपनियों को केवल डेटा स्टोर के बजाय कॉपी रखने की भी छूट की मांग की है। वित्त मंत्रालय डेटा की कॉपी रखने की छूट के पक्ष में है।


बता दें कि डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड पेमेंट सिस्टम बंद होता है तो करीब 90 करोड़ डेबिट/क्रेडिट कार्ड पर असर पड़ सकता है जबकि विदेशी कंपनियों के दूसरे गेटवे भी बंद होने का खतरा बढ़ जायेगा, जिसके चलते कंपनियों ने रिजर्व बैंक से भी की थी रियायत की मांग की है। आर्थिक मामलों के सचिव ने आरबीआई को चिट्ठी लिखी थी, लेकिन आरबीआई की तरफ से कंपनियों को छूट नहीं मिली है।