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किस लोन पर कारोबारी करें भरोसा!

नए कारोबार की शुरूआत करने वालों के लिए गोल्ड लोन लेना भी एक अच्छा तरीका हो सकता है।
अपडेटेड Jan 29, 2011 पर 16:40  |  स्रोत : Moneycontrol.com

29 जनवरी 2011

सीएनबीसी आवाज



कारोबारियों के लिए कौन से लोन बेहतर होते हैं-



एक व्यापारी होने के नाते आपके पास लोन लेने के लिए काफी सारे विकल्प होते हैं। ये बहुत जरूरी है कि आप लोन लेने से पहले जान लें कि व्यापारियों के लिए कौन सा कर्ज लेना बेहतर साबित हो सकता है।

बिजनेस लोन के लिए जरूरी कारक

ये कुछ कारक हैं जिनके आधार पर आप बिजनेस लोन लेने के फैसले को जांचे


1.निम्न ब्याज दर


2.निम्न पूंजी


3.शुल्क रहित प्री-क्लोजर 


4.निम्न प्रोसेसिंग फीस


5.सहायक आवश्यक तथ्य



आइये देखें कि उपर्युक्त तथ्यों के आधार पर लोन की तुलना कैसे की जाए

निम्न ब्याज दरें

ये सबसे बड़ा कारक है जो किसी भी लोन को लेते समय सबसे पहले जांचा जाता है। हालांकि बहुत कम लोन उत्पाद में इस तरह की खासियत देखने को मिलती है यही वजह है कि इसको विस्तार से जानने की जरूरत है।



कोई भी व्यापारी सबसे आसानी से रोजाना/ साप्ताहिक आधार पर भुगतान करने के जरिए लोकल फाइनेंसरों से लोन ले सकता है। लेकिन इनमें सबसे बड़ी कमी है कि इनकी ब्याज दरें काफी ऊंची होती हैं। जैसे 3 फीसदी मासिक या इससे ज्यादा। इसके अलावा इसमें ईएमआई के एडवांस पेमेंट के चलते आपने जितना कर्ज लिया है उससे कम रकम मिलती है। एक लोकल फाइनेंसर आपको 1000 रुपये के कर्ज के लिए 900 रुपये का लोन देगा क्योंकि इसमें 100 रुपये एडवांस ईएमआई पेमेंट के रूप में काट लिए जाते हैं। और उससे भी खराब बात ये कि ब्याज पूरे 1000 रुपये के लोन पर ही लगाया जाएगा। इस सिद्धांत के चलते ब्याज दरें अत्याधिक तेजी से बढ़ती चली जाती हैं।



कारोबारियों के सबसे सस्ती दरों के कर्ज लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी (एलएपी) होते हैं जिसमें करीब 10 फीसदी के आसपास ब्याज लगता है। इसमें कैश क्रेडिट और ओवर-ड्राफ्ट सुविधा के साथ ये कुल मिलाकर करीब 11-13 फीसदी हो सकता है।  आपके कारोबार का टर्नओवर, कारोबार का प्रकार और सहायक बातों के आधार पर इस लोन की ब्याज दरें तय की जाती हैं। अगर असुरक्षित लोन की बात की जाए तो पर्सनल लोन में 16-18 फीसदी की ऊंची दर से ब्याज वसूला जाता है। (कभी-कभी ये 24 फीसदी तक भी पहुंच सकता है)



चिट फंड के जरिए अपनी जरूरतों के लिए पूंजी जुटाना एक तरीका हो सकता है। हालांकि इस तरह के लेन-देन में पैसे निकालने पर सामान्यतया 24 फीसदी की दर से ब्याज लगाया जाता है। ये दरें इतनी ऊंची इसलिए होती हैं क्योंकि टर्म ब्याज दरों को इस पर कभी लागू नहीं किया गया।



निम्न नकदी प्रवाह


ओवरड्राफ्ट सुविधा के अंतर्गत ब्याज के लगातार भुगतान करते रहने की शर्तों से सिस्टम में कम पूंजी आने का अंदेशा रहता है।



प्रोजक्ट के पूरे होने के आधार पर लिया गया टर्म लोन ज्यादा फायदेमंद हो सकता है क्योंकि इसमें प्रोजेक्ट की कार्यावधि के हिसाब से भुगतान की सुविधा मिलती है। ये खास तौर पर पूर्णतया नए प्रोजेक्ट और पहले से चल रहे प्रोजेक्ट के विस्तार के लिए आकर्षक होते हैं।



कारोबार के लिए लोन लेने में पर्सनल लोन सबसे ज्यादा महंगे और खर्चीले साबित होते हैं। हालांकि अगर केवल शुरूआत के लिहाज से देखा जाए तो लोकल फाइनेंसर से लोन लेना ही एकमात्र विकल्प नजर आता है। खासतौर पर उन लोगों के लिए जो कुछ समय तक नौकरी करने के बाद अपना कारोबार शुरू कर रहे हों। 



अगर आप नया व्यापार शुरू कर रहे हों तो सबसे पहले अपने दोस्तों और रिश्तेदारों पर निगाह दौड़ाइये कि वो आपको लोन दे सकते हैं या नहीं। उनसे लोन लेने में दो तरह से फायदा है। एक तो कहा जाता है कि अगर आप अपनी मां को कर्ज देने के लिए मना सकते हैं तो दुनिया में किसी को भी मना सकते हैं। दूसरा रिश्तेदार या दोस्त बहुत ही कम ब्याज लेंगे या हो सकता है कि वो आपसे कर्ज पर ब्याज ले हीं नहीं।



एक दूसरा तरीका है कि आप गोल्ड लोन ले लें। नए कारोबार की शुरूआत करने वालों के लिए भी ये एक अच्छा तरीका हो सकता है। इस तरह के लोन में आपको कम ब्याज दर का फायदा मिल सकता है। आमतौर पर इस तरह के लोन में 1-1.5 फीसदी की दर से ब्याज लिया जाता है। इस तरह आपके वो गहने या सोना काम में आ जाता हैं जो लॉकर में काफी समय से बेकार पड़ा हुआ है। अमूमन गोल्ड लोन में सोने की कुल वैल्यू के 60 फीसदी रकम के बराबर पूंजी कर्ज के रूप में मिल सकती है।



कम शुल्क पर समय से पूर्व भुगतान की सुविधा



प्रॉपर्टी लोन लेने पर एक सुविधा मिलती है कि अगर आप समय से पहले कर्ज चुकाते हैं तो आपको इस पर भारी-भरकम शुल्क नहीं देना पड़ता है। उदाहरण के लिए अगर आपने 10,000 रुपये का लोन लिया है तो आप समय-समय पर थोड़ी राशि चुकाकर लोन के मूल और उस पर लगने वाले ब्याज को भी कम कर सकते हैं।
 


पर्सनल लोन में आपको समय से पहले कर्ज चुकाने पर छूट की सुविधा मिलने की गुंजाइश कम रहती है। कुछ लोकल फाइनेंसर्स इसकी सुविधा देते हैं लेकिन वो भी इस पर कुछ शुल्क वसूल सकते हैं।

शुरूआती प्रोसेसिंग फीस



आप कोई भी लेन लें आपको इससे जुड़े शुल्क तो देने ही होंगे। उदाहरण के लिए पर्सनल लोन में कुल कर्ज की 2 फीसदी पूंजी को लोन चार्ज के रूप में लिया जाता है। प्रोसेसिंग फीस में 1-2 फीसदी पूंजी एलएपी चार्ज के रूप में ली जा सकती है। अगर आप कोई कानूनी मदद लेते हैं तो इसके लिए आपको अलग से कुछ शुल्क देने पड़ सकते हैं। इसके साथ ही आपको बैंक ओवरड्राफ्ट सुविधा का फायदा उठाने के लिए भी अलग से कुछ फीस देनी पड़ सकती है।



अक्सर किसी चिट फंड के लिए प्रोसेसिंग फीस आपके कर्ज की शुरूआती रकम में से ही वसूल ली जाती है।



अन्य आवश्यकताएं



पर्सनल लोन, लोकल फाइनेंसर और चिट फंड के अलावा भी अगर आप कहीं से लोन लेते हैं तो आपको अन्य खर्चों के रूप में कुछ रकम अदा करनी पड़ सकती है। इसे देखकर तो यही लगता है कि आपके पास पर्सनल लोन का ही एकमात्र रास्ता बचता है, बशर्ते आपके रिश्तेदार और दोस्त आपको कर्ज दें।



गोल्ड लोन भी एक रास्ता हो सकता है अगर आपके पास पर्याप्त मात्रा में सोना हो, जैसा कि हम पहले ही बता चुके हैं कि ये सबसे सस्ते ब्याज पर मिल सकते हैं। इनमें एक ही दिक्कत है कि ये लोन कुल सोने की कम रकम का कर्ज के रूप में देते हैं।



सारांश

 
सभी कारोबारियो के लिए कोई एक ही तरह के लोन को सही बताना संभव नहीं है। इसके पीछे कारण है कि सभी की जरूरतें, स्थितियां और शर्ते अलग-अलग होती हैं। अतः अगर आप कारोबार के लिए लोन लेना चाहते हैं तो आपको पहले तय करना होगा कि आप किस तरह का लोन लेकर सहज महसूस कर सकते हैं। ये पूरी तरह से आपके ऊपर ही निर्भर करता है कि कौन-सा लोन उत्पाद आपके कारोबार के लिए सही और सबसे कम परेशानी वाला हो।


ये लेख बैंक बाजार डॉटकॉम से लिया गया है।