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डीएसपी ब्लैकरॉक माइक्रो कैप फंड की समीक्षा

डीएसपी ब्लैकरॉक माइक्रो कैप फंड का रिकॉर्ड काफी अच्छा है और गिरावट को खरीदारी का मौका समझना चाहिए।
अपडेटेड Jul 19, 2011 पर 11:35  |  स्रोत : Moneycontrol.com

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चाहे पिछले साल में डीएसपी ब्लैकरॉक माइक्रो कैप फंड का प्रदर्शन औसत ही रहा हो। लेकिन, फंड ने निवेशकों को अब तक काफी अच्छे रिटर्न दिए हैं। इस फंड को निवेशक अपने पोर्टफोलियो में शामिल कर सकते हैं।

डीएसपी ब्लैकरॉक माइक्रो कैप फंड इक्विटी ओरियंटेड ओपन एंडेड फंड है, जो मई 2007 में शुरू हुआ था। 468.58 करोड़ रुपये के एसेट वाले फंड के अपूर्व शाह, विनीत सांब्रे और मेहुल जैन फंड मैनेजर हैं।

बाजार में आई गिरावट का असर डीएसपी ब्लैकरॉक माइक्रो कैप फंड के प्रदर्शन पर दिखा है। 2008 के अंत में फंड ने कुल पूंजी का 1/5 से ज्यादा हिस्सा कंज्यूमर नॉन-ड्यूरेबल सेक्टर में लगाया हुआ था। इसके अलावा सॉफ्टवेयर और कैपिटल गुड्स सेक्टर में भी डीएसपी ब्लैकरॉक माइक्रो कैप फंड ने निवेश किया था। फंड के तहत इमामी, बाटा, एनआईआईटी, देना बैंक और एमआईसी इलेक्ट्रॉनिक्स में निवेश किया गया था। उस वक्त डीएसपी ब्लैकरॉक माइक्रो कैप फंड अपने बेंचमार्क यानि बीएसई स्मॉलकैप इंडेक्स के मुकाबले कम रिटर्न दे रहा था।

6 महीनों के बाद बाजार में तेजी लौटने के बाद फंड के पोर्टफोलियो में बदलाव किए गए। कंज्यूमर नॉन-ड्यूरेबल गुड्स की जगह इंडस्ट्रीयल कैपिटल गुड्स को फंड में शामिल किया गया। फंड की टॉप होल्डिंग थी- केईसी इंटरनेशनल, ग्रेट ऑफशोर, श्रेई इंफ्रा, टीआरएफ और मैक्लॉएड रस्सल। बदलाव के बाद डीएसपी ब्लैकरॉक माइक्रो कैप फंड का सालाना टर्नओवर 3.3 गुना से बढ़कर 6 गुना हो गया।

2009 के अंत तक डीएसपी ब्लैकरॉक माइक्रो कैप फंड की कुल पूंजी का 1/4 हिस्सा इंडस्ट्रियल कैपिटल गुड्स में निवेश किया गया था। फंड के पोर्टफोलियो में कंस्ट्रक्शन और कंज्यूमर नॉन-ड्यूरेबल्स का भी बड़ा हिस्सा था। फंड का 6 फीसदी स्पाइसजेट में लगाया गया था। जून 2010 में फंड के पोर्टफोलियो में फार्मा सेक्टर का सबसे बड़ा हिस्सा था। फंड की टॉप होल्डिंग बदलकर हिंदुस्तान डॉर ओलीवर, जुबलियंट ऑर्गनोसिस, आईपीसीए लैब और ज्योति लैब थी। फंड का टर्नओवर घटकर 3 गुना रहा। इस दौरान डीएसपी ब्लैकरॉक माइक्रो कैप फंड का प्रदर्शन शानदार था।

जून 2010 से लेकर दिसंबर 2010 तक डीएसपी ब्लैकरॉक माइक्रो कैप फंड का पोर्टफोलियो स्थिर रहा। फंड ने निवेशकों को अच्छे रिटर्न दिए। फंड का पोर्टफोलियो टर्नओवर रेश्यो गिरकर 1.6 गुना रहा। फंड की टॉप होल्डिंग का हिस्सा भी घटकर 4 फीसदी के नीचे आ गया।

जून 2011 में डीएसपी ब्लैकरॉक माइक्रो कैप फंड की टॉप होल्डिंग थी- टीटीके प्रेस्टीज, रैलीस, इंडोको रेमेडीज, ईक्लर्क्स और चंबल फर्टिलाइजर्स। कई सेक्टर शामिल होने की वजह से फंड का पोर्टफोलियो डाइवर्सिफाइड है। फंड ने सबसे ज्यादा निवेश सॉफ्टवेयर, फार्मा, कंज्यूमर नॉन-ड्यूरेबल्स और पेस्टिसाइड्स में किया है। डीएसपी ब्लैकरॉक माइक्रो कैप फंड की नजर आईटी सेक्टर पर बनी हुई है। पेस्टिलाइड्स और फर्टिलाइजर्स को मिलाकर फंड की 15.27 फीसदी पूंजी एग्रीकल्चर सेक्टर में लगी हुई है, जो सबसे ज्यादा है।

पिछले कुछ हफ्तों में शेयरों में गिरावट आने की वजह से डीएसपी ब्लैकरॉक माइक्रो कैप फंड का प्रदर्शन खराब रहा है। लेकिन, निवेशकों को चिंतित नहीं होना चाहिए। इस तरह के फंड में उतार-चढ़ाव दिखता रहता है। डीएसपी ब्लैकरॉक माइक्रो कैप फंड का रिकॉर्ड काफी अच्छा है और गिरावट को खरीदारी का मौका समझना चाहिए।

इस लेख के लेखक अर्णव पांड्या चार्टर्ड अकाउंटंट और सर्टिफाइड फाइनेंशियल प्लानर हैं।