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ट्रांजैक्शन चार्ज से फायदाः टोरस एमएफ

सेबी का म्यूचुअल फंड की खरीद पर ट्रांजैक्शन फीस लगाने का फैसला इंडस्ट्री के लिए अच्छा कदम है।
अपडेटेड Jul 29, 2011 पर 13:49  |  स्रोत : Moneycontrol.com

29 जुलाई 2011

सीएनबीसी आवाज़



टोरस म्युचुअल फंड के सीईओ, वकार नकवी का कहना है कि सेबी के ट्रांजैक्शन चार्ज लेने के फैसले का डिस्ट्रीब्यूटरों को फायदा होगा और वो ज्यादा म्यूचुअल फंड बेचने में रुचि दिखाएंगे। ट्रांजैक्शन चार्ज मिलने से डिस्ट्रीब्यूटरों की म्यूचुअल फंड बेचने की कुछ लागत वापस आ सकती है।



एंट्री लोड हटने के बाद म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटरों को म्यूचुअल फंड बेचने के लिए अलग से कमीशन नहीं मिलता था जिससे कारोबार पर असर देखा गया था।



वकार नकवी मानते हैं कि ट्रांजैक्शन चार्ज लगने से ग्राहकों के लिए ज्यादा बोझ नहीं पड़ेगा। कई देशों के मुकाबले भारत में ये शुल्क काफी कम है। 



सेबी ने टेकओवर नियमों के साथ म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के लिए भी नियमों में बदलाव किया है। अब म्युचुअल फंड खरीदने पर नए ग्राहकों के लिए ये 150 रुपये ट्रांजैक्शन चार्ज लगेगा जबकि पुराने ग्राहकों के लिए 100 रुपये ट्रांजैक्शन चार्ज वसूला जाएगा। एक फंड में निवेश करने पर एक ही बार टैक्स लगेगा, लेकिन 10,000 रुपये से कम निवेश पर ये चार्ज नहीं लगेगा।
 


सेबी के नियमों के मुताबिक एमएफ कंपनियों को एडवर्टाइजिंग कोड में भी सुधार करना होगा। विज्ञापन में सीएजीआर के बजाए अपने फंड का कुल रिटर्न बताना होगा। वकार नकवी के मुताबिक इस कदम को छोटे निवेशकों के हित में उठाया है और इससे एमएफ फंडों पर भरोसा ही बढेगा।



फ्रैंकलिन टेंपल्टन इंवेस्टमेंट
के इंडिया एमडी, विवेक कुदवा का कहना है कि ट्रांजैक्शन चार्ज लगाने का फैसला म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के लिए अच्छा कदम है। नियामक बदलावों के बाद म्यूचुअल फंड कारोबार में गिरावट आने का खतरा नहीं है।



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