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अब क्यों न फाइनेंशियल प्लानिंग की जाए

प्रकाशित Sat, 06, 2011 पर 11:14  |  स्रोत : Moneycontrol.com

6 अगस्त 2011

सीएनबीसी आवाज़


अधिकांश व्यक्ति अपना टैक्स रिटर्न फाइल कर सुकून महसूस कर रहे हैं, क्योंकि अब उन्हें जनवरी-फरवरी तक टैक्स प्लानिंग एवं निवेश के बारे में सोचना ही नहीं है। वैसे भी प्रतियोगिता के इस युग में पैसा कमाने के लिए हमें कितनी मेहनत करनी होती है, यह हम ही जानते हैं। शुक्र है अब हम अपना संपूर्ण ध्यान अपने कार्य पर लगा सकेंगे।

यदि हमें निवेश करना भी रहा तो हम सीधा-सा रास्ता अपना सकते हैं, जहां अधिकांश व्यक्ति (मित्र-परिचित) निवेश करें, वहां हम भी निवेश कर दें? जैसे 2006-07 में अधिक रिटर्न के लिए हमने अधिकांश लोगों की तर्ज पर यूलिप में निवेश किया, 2008 में शेयर बाजार में, 2011 में चांदी में और अब हम प्रॉपर्टी में निवेश के लिए लालायित हैं।

आज स्थिति यह है कि 2006-07 में निवेश किए गए यूलिप में हमें मूलधन ही मिल रहा है तो भी हम खुश हैं और उससे पैसा निकालकर शायद दूसरी भेड़चाल का इंतजार कर रहे हैं। आर. पावर के शेयर में निवेश एवं 65-70 हजार रुपए के स्तर पर चांदी में निवेश का हाल तो हमारे सामने ही है। जिन व्यक्तियों को इस भेड़चाल का रहस्य पता लग गया है वे

समझदारीपूर्वक अपने पैसों को बैंक में रखकर खुश हैं और जरूरत होने के बावजूद वित्तीय उत्पादों से दूर भाग रहे हैं। जरा सोचिए कि महंगाई के इस दौर में क्या केवल पैसा कमाकर हम अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर पाएंगे? आज जरूरत है पैसा कमाने के साथ-साथ उसे कुशलतापूर्वक मैनेज करने की भी ताकि हम अपने सीमित साधनों में भी अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकें। क्या कारण है कि हम कुशल मैनेजर होने के बावजूद अपने पैसों को ही सही रूप से मैनेज नहीं कर पा रहे हैं?

सुचारु रूप से अपने पैसों को मैनेज नहीं कर पाने के पीछे सबसे बड़ा कारण वित्तीय साक्षरता का अभाव है। "साक्षरता" का शाब्दिक अर्थ विषय को पढ़ने, समझने एवं लिखने की क्षमता से है। वित्तीय साक्षरता से आशय वित्तीय योजनाओं का निर्माण, वित्तीय उत्पाद में मौजूद रिस्क एवं रिटर्न की समझ, सही उत्पाद का चयन, उत्पाद प्रदाता कंपनी का चयन, रियल टैक्स रिटर्न आदि बातों को सही रूप से समझकर उचित वित्तीय निर्णय लेने से है।

हमारा दुर्भाग्य रहा है कि हमें वित्तीय मामलों का ज्ञान स्कूल एवं कॉलेजों में नहीं मिल पाया है। आज आवश्यकता है कि हम वित्तीय रूप से साक्षर होकर अपनी सुचारु रूप से फाइनेंशियल प्लानिंग करें। हम सभी जानते हैं कि किसी भी कार्य की सफलता के लिए प्लानिंग आवश्यक होती है। प्लानिंग करके हम अपने पास मौजूद संसाधनों में अपने लक्ष्य को भलीभांति पा सकते हैं। इसलिए हम जीवन में छोटे से छोटे कार्य जैसे परिवार के साथ बाहर घूमने जाना या बड़े से बड़े कार्य जैसे अपने मकान के निर्माण को सुचारु रूप से प्लान करके ही करते हैं तो फिर फाइनेंशियल प्लानिंग क्यों नहीं?


यह लेख अरिहंत कैपिटल मार्केट के चीफ फाइनेंशियल प्लानर उमेश राठी ने लिखा है। umesh.rathi@arihantcapital.com पर उमेश राठी से संपर्क किया जा सकता है