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जानें टर्म प्लान से जुड़ी अहम जानकारियां

प्रकाशित Sat, 17, 2011 पर 09:28  |  स्रोत : Moneycontrol.com

17 सितंबर 2011

सीएनबीसी आवाज़



माई इंश्योरेंस क्लब डॉटकॉम के को फाउंडर और वी पी मनोज असवानी के मुताबिक बदलते दौर में ऑनलाइन टर्न प्लान लेना निश्चित तौर पर सस्ता पड़ता है। हालांकि अभी भी देश के सभी शहरों में ऑनलाइन लाइफ इंश्योरेंस की सुविधा नहीं मिल पाती है।



अगर आपके शहर में ऑनलाइन टर्म प्लान मिल रहा है तो वही खरीदें, आजकल आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के ऑनलाइन टर्म प्लान आई प्रोटेक्ट के साथ कई और भी कंपनियों ने सस्ती दरों पर ई टर्म पॉलिसी देनी शुरू कर दी है।



30 साल के लिए ऑनलाइन टर्म प्लानः

30 साल के लिए अच्छा ऑनलाइन टर्म प्लान लेना है तो फिलहाल इंडिया फर्स्ट एनीटाइम के प्लान देश के काफी शहरों में उपलब्ध हैं। इसके साथ अवीवा लाइफ इंश्योरेंस लाइफ इंश्योरेंस का आई-लाइफ प्लान भी लिया जा सकता है। वहीं कोटक लाइफ इंश्योरेंस का ई-टर्म प्लान भी ऑनलाइन टर्म प्लान के लिए अच्छा विकल्प है। एगॉन रेलिगेयर का आई टर्म भी ले सकते हैं।



अगर ऑफलाइन प्लान लेना चाहें तो बिरला लाइफ इंश्योरेंस और मैक्स बूपा लाइफ इंश्योरेंस के प्लान लिए जा सकते हैं। ये ऑफलाइन टर्म प्लान हैं लेकिन ऑनलाइन टर्म प्लान की तरह ही सस्ती दरों पर मिलते हैं।



राइडर से जुड़ी जानकारीः

मनोज असवानी ने जानकारी दी कि हरेक बीमा कंपनी लाइफ इंश्योरेंस या टर्म प्लान के साथ ग्राहक को अतिरिक्त राइडर दे, ऐसा जरूरी नहीं हैं। ये बीमा कंपनी की खुद की मर्जी पर निर्भर करता है कि वो कितना जोखिम अपने सिर पर लेना चाहती है।



मान लीजिए कि कोई व्यक्ति रक्षा सेवाओं में कार्य करता है और टर्म प्लान या जीवन बीमा के साथ एक्सीडेंटल राइडर लेना चाहता है तो जरूरी नहीं कि उसे ये राइडर मिल ही जाएं। विभिन्न बीमा कंपनियों के अलग-अलग नियम होते हैं और इसके मुताबिक ही आप राइडर के लिए आवेदन कर सकते हैं।



हाउसहोल्ड इंश्योरेंस पॉलिसी में गहने/बैगेज पर क्लेम मिलेगा या नहीं?


मान लीजिए किसी ग्राहक ने एक हाउस होल्ड पॉलिसी ली हुई है और इसमें ग्राहक की ज्वैलरी और बैगेज के लिए भी कवर किए गए हैं। सफर के दौरान इस ज्वैलरी के चोरी होने की सूरत में बीमा कंपनी ग्राहक को क्लेम देने से इंकार किया जा सकता है क्योंकि ज्वैलरी घर पर नहीं थी । इसलिए जनरल इंश्योरेंस पॉलिसी लेते समय इन सब बातों को पूछ लें कि बीमा कंपनियां किस स्थिति में ज्वैलरी की चोरी होने की सूरत में क्लेम दे सकती हैं।



होमलोन को कवर देने के लिए क्या करें?

होमलोन प्रोटेक्शन पॉलिसी लें या होमलोन को कवर लेने के लिए एक और टर्म प्लान लें अक्सर इस सवाल को पूछा जाता है। मनोज असवानी के मुताबिक टर्म प्लान लेना बेहतर विकल्प है क्योंकि इसमें ग्राहक की मृत्यु होने की सूरत में परिवार क्लेम मिल सकता है जबकि होमलोन प्रोटेक्शन पॉलिसी लेने पर बीमा कंपनियां जितना लोन बाकी है उसे सीधा कर्जदाता बैंक को चुका देती हैं।



प्योर टर्मप्लान ले या मनीबैक बेहतर?

मनोज असवानी के मुताबिक टर्म प्लान में मनीबैक प्लान ना लेना ज्यादा बेहतर साबित हो सकता है। मनीबैक के रुप में जो छोटी-छोटी रकम मिलती रहती है उससे ग्राहक को ज्यादा फायदा नहीं होगा बल्कि प्रीमियम ज्यादा बढ़ने से आपका टर्मप्लान महंगा हो जाएगा। मनीबैक प्लान के तहत समय-समय पर पैसा वापस मिलता है लेकिन इससे ग्राहक कंपाउंडिंग का फायदा उठाने से चूक जातें हैं।



नियमित आमदनी के लिए टर्म प्लानः

अगर आप रिटायरमेंट के बाद नियमित आमदनी के लिए प्लान चाहते हैं तो आप मेटलाइफ का प्लान ले सकते हैं। इसमें आप प्रीमियम के रूप में रकम जमा करें और रिटायरमेंट के बाद आपको नियमित पेंशन के रूप में रिटर्न मिल सकते हैं।



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