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प्रॉपर्टी आय के लिए टैक्स प्लानिंग

प्रकाशित Sat, 31, 2011 पर 12:04  |  स्रोत : Moneycontrol.com

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इनकम टैक्स एक्ट के तहत किसी भी व्यक्ति की आय को पांच हिस्सों में बांटा जाता है, जिसमें से एक है प्रॉपर्टी से मिलने वाली आय।

प्रॉपर्टी आय के तहत घर, ऑफिस, गोदाम, फैक्टरी, हाल, दुकान, ऑडिटोरियम की इमारतें और इन बिल्डिंग से जुड़ी जमीन जैसे कंपाउंड, गराज, बगीचा, कार पार्किंग, जिमखाना, मैदान से होने वाली कमाई आती है।

हालांकि, खाली पड़ी जमीन से मिलने वाली आय को प्रॉपर्टी आय में नहीं जोड़ा जाता है, बल्कि उसे दूसरे स्रोतों से मिली आय माना जाता है।

पूरे साल में किराए से होने वाली से स्थानीय निकाय को दिए जाने वाले टैक्स घटाए जाते हैं। बाकी रकम का 30 फीसदी हिस्से को स्टैंडर्ड डिडक्शन माना जा सकता है। इसके अलावा प्रॉपर्टी के कर्ज पर चुकाए गए ब्याज को भी घटाया जा सकता है।

ध्यान रखिए अगर आपके प्रॉपर्टी किराए पर नहीं चढ़ाई है, फिर भी आपको बाजार भाव पर किराया जोड़कर उसपर टैक्स देना होता है। साथ ही, किराए पर नहीं चढ़ाए गई प्रॉपर्टी पर वेल्थ टैक्स भी लगता है।

सेल्फ-ऑक्यूपाइड प्रॉपर्टी की किराए से आय शून्य होती है। इसलिए सेल्फ-ऑक्यूपाइड प्रॉपर्टी पर स्थानीय निकाय को दिए गए टैक्स पर छूट और स्टैंडर्ड डिडक्शन का फायदा नहीं मिलता है। लेकिन, सेल्फ-ऑक्यूपाइड प्रॉपर्टी के कर्ज पर चुकाए गए ब्याज पर छूट मिलती है।

अगर आपके पास 1 से ज्यादा प्रॉपर्टी है, तो किसी भी एक को सेल्फ-ऑक्यूपाइड प्रॉपर्टी माना जा सकता है। जिस भी प्रॉपर्टी पर आपकी सबसे कम आय होगी, उसे ही सेल्फ-ऑक्यूपाइड प्रॉपर्टी बनाएं।

अगर आप किसी दूसरे शहर में नौकरी करते हैं, तो किराए पर न चढ़ाए गए घर को सेल्फ-ऑक्यूपाइड प्रॉपर्टी ही माना जाएगा।

अगर आपने 1 अप्रैल 1999 के बाद सेल्फ-ऑक्यूपाइड प्रॉपर्टी के लिए कर्ज लिया है और निर्माण 3 साल में पूरा हो गया है, तो आप चुकाए गए ब्याज पर 1,50,000 रुपये तक की टैक्स छूट ली जा सकती है।

1 अप्रैल 1999 के पहले लिए कर्ज या मरम्मत-पुनर्निर्माण के कर्ज पर चुकाए गए ब्याज पर 30,000 रुपये तक की ही छूट मिलेगी।

सेल्फ-ऑक्यूपाइड प्रॉपर्टी के अलावा बाकी सभी प्रॉपर्टी के कर्जों पर चुकाए गए ब्याज पर छूट की कोई सीमा नहीं है।

(इस लेख के लेखक संजय मताई वित्तीय सलाहकार हैं)