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आईसीआईसीआई प्रू डायनामिक प्लान की समीक्षा

आईसीआईसीआई प्रू डायनामिक प्लान को पोर्टफोलियो में रखकर न्यूनतम निवेश से ज्यादा रिटर्न कमाया जा सकता है।
अपडेटेड Feb 22, 2012 पर 16:01  |  स्रोत : Moneycontrol.com

आईसीआईसीआई प्रू डायनामिक प्लान काफी लंबे समय से लगातार बेहतर परिणाम देता आ रहा है। यह फंड उन रुढ़िवादी निवेशकों के लिए काफी बेहतर है जो कम रकम लंबे समय के लिए और कम जोखिम के लिहाज से निवेश करते हैं।


आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल डायनामिक प्लान इक्विटी ओरिएटेंड फंड है। दिसंबर 2009 तक इस फंड का सॉफ्टवेयर सेक्टर में सबसे ज्यादा 10 फीसदी का एक्सपोजर रहा है। वहीं इस दौरान फार्मा, बैंक और पेट्रोलियम प्रोड्कट्स भी फंड ने बराबर एक्सपोजर बनाए रखा। एकल शेयरों की बात की जाए तो आईसीआईसीआई प्रू डायनामिक फंड ने दिग्गज कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज पर दांव लगाया, आरआईएल के शेयर फंड 8 फीसदी एसेस्ट्स लगाई। वहीं रिलायंस इंडस्ट्रीज के बाद इंफोसिस, भारती एयरटेल, कैडिला हेल्थकेयर, इप्का लैब्स, एचयूएल जैसे शेयरों पर भी फंड ने एक्सपोजर बनाए रखा। ऐसे में कहा जा सकता है इस दौरान फंड ने अपने पोर्टफोलियो में लार्ज कैप और मिड कैप शेयरों पर एक्सपोजर बनाए रखा। वहीं बाजार के मुश्किल दौर में फंड का टर्मओवर रेश्यो 1.79 गुना बढ़ा।


जून 2010 में आईसीआईसीआई प्रू डायनामिक फंड ने लिक्विड एसेट का 20 फीसदी हिस्सा शॉर्ट टर्म डेट पर लगाया। वहीं दौरान फंड ने बैंकिंग, सॉफ्टवेयर, फार्मा और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स पर भी दांव लगाना जारी रखा। वहीं इस दौरान भी फंड का सबसे ज्यादा रुझान रिलायंस इंडस्ट्रीज पर ही रहा। जिसके चलते फंड ने पिछले सभी परिणामों को मात दे दी और इस दौरान फंड का पोर्टफोलियो रेश्यो में दोगुना बढ़ोतरी हुई। वहीं इसके बाद फंड ने दिसंबर 2010 तक इन्हीं शेयरों पर करीब 18 फीसदी एसेट पर दांव लगाए रखा।


दिसंबर 2011 में फंड के पोर्टफोलियो में सॉफ्टवेयर सेक्टर पर सबसे ज्यादा एक्सपोर्जर रहा। वहीं फार्मा और बैंक शेयर भी फंड के पोर्टफोलियो में बने रहे। कहने का तात्पर्य यह है कि बाजार की हर तरह की परिस्थितियों में फंड ने पोर्टफोलियो में बदलाव करके शेयरों पर एक्सपोजर कम-ज्यादा करके समय-समय पर अच्छा रिटर्न अर्जित किया। जिसके बल पर पिछले काफी समय से इस फंड की मांग बढ़ी है।


आईसीआईसीआई प्रू डायनामिक प्लान में निवेशक कम रकम और कम जोखिम के साथ लार्ज कैप शेयरों से ज्यादा रिटर्न पाने की क्षमता रखता है। वहीं यह फंड ऐसे रूढ़िवादी निवेशकों के लिए है जो लंबी अवधि के निवेश पर विश्वास रखते हैं और अपने पोर्टफोलियो में इक्विटी फंड्स का रुझान ज्यादा रखते हैं।


इस लेख के लेखक अर्णव पंड्या फाइनेंशियल प्लानर और चार्टर्ड अकाउंटंट हैं।