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बजट का कमोडिटी बाजार पर कितना असर

बजट में सोने पर आयात शुल्क 2 फीसदी बढ़ाकर 4 फीसदी कर दिया गया है, जिसका असर कमोडिटी बाजार पर पड़ेगा।
अपडेटेड Mar 16, 2012 पर 19:02  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

लोकसभा में सातवीं बार आम बजट पेश करने वाले प्रणव मुखर्जी ने शुद्ध सोने पर आयात शुल्क 2 फीसदी से बढ़ाकर 4 फीसदी कर दिया है। वहीं ब्रांडेड गोल्ड पर 1 फीसदी शुल्क, जबकि शुद्ध चांदी के गहनों पर सरकार ने इस बजट में कोई शुल्क नहीं लगाया है। सोने पर आयात शुल्क बढ़ाने से सोने की मांग में कमी आएगी। वहीं कुछ हद तक सरकार की भी यही मंशा है। लेकिन कमोडिटी बाजार पर इसका कितना असर पड़ेगा यह भी एक अहम मुद्दा है। हालांकि जानकारों का कहना है कि सरकार के इस कदम का कमोडिटी बाजार पर कुछ खास असर नहीं पड़ेगा। 


इस बार बजट में वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने कृषि विकास के लिए कई बड़ी घोषणाएं की हैं। कर्ज के लक्ष्य के अलावा पूर्वोत्तर भारत में हरित क्रांति के लिए 1,000 करोड़ रुपये और ग्रामीण भागों में इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए 20,000 करोड़ रुपये खर्च का मसौदा इस बजट में वित्त मंत्री ने तैयार किया है। साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड को स्मार्ट कार्ड बनाने का भी प्रस्ताव इस बजट में रखा गया है। लेकिन सबसे अहम सवाल यह है कि क्या देश के वित्त मंत्री के द्वारा उठाए गए यह कदम क्या कृषि की तस्वीर बदलने में मील का पत्थर साबित होंगे या नहीं।


प्रणव मुखर्जी ने कृषि विकास के लक्ष्य को 1 लाख करोड़ रुपये बढ़ाकर 5.75 लाख करोड़ रुपये कर दिया है। जिसके तहत इस बजट में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना का व्यय 17 फीसदी बढ़ाकर 9,217 करोड़ रुपये कर दिया गया है। साथ ही समय पर कर्ज अदायगी पर किसानों को 3 फीसदी तक छूट देने का प्रावधान भी वित्त मंत्री के पिटारे से निकला है। वहीं सिंचाई प्रोग्राम पर आवंटन 13 फीसदी से बढ़ाकर 14,242 करोड़ रुपये कर दिया गया है।


बजट 2012 में वित्त मंत्री के द्वारा उठाए गए इन कदमों से देश की कृषि का कितना विकास हो पाएगा यह देखना सबसे अहम होगा। क्योंकि वित्त मंत्री के कागजी वादों को अमली जामा कब तक पहनाया जाता है यह सबसे बड़ा सवाल है। क्योंकि घोषणाएं तो हर साल होती हैं लेकिन देश की कृषि व्यवस्था में सुधार कितना आया है यह बात किसी से छुपी नहीं है। ऐसे में बजट में वित्त मंत्री द्वारा की गई घोषणाओं को सही तरीके से लागू किया जाना बेहद जरूरी है, ताकि कृषि विकास से साथ-साथ देश की अर्थव्यवस्था में भी कुछ जान आए।


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