सरकार के लिए मुश्किल वक्तः वित्त मंत्री

वित्त मत्री प्रणव मुखर्जी का कहना है कि परिस्थितियां कठिनाइयों से भरी हैं लेकिन स्थिति गंभीर नहीं है।
अपडेटेड Mar 16, 2012 पर 20:42  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

वित्त मत्री प्रणव मुखर्जी का कहना है कि सब्सिडी के लक्ष्य को आसानी से हासिल किया जा सकता है। वहीं वित्त वर्ष 2013 में वित्तीय घाटे को 5.1 फीसदी पर रखने का पूरा भरोसा है। भारतीय अर्थव्यवस्था के मंदी की ओर बढ़ने का कोई खतरा नजर नहीं आ रहा है। वित्तीय घाटे को जीडीपी के 2 फीसदी पर लाने में सफलता नहीं मिली तो मुश्किल हो सकती है। आर्थिक विकास दर को बढ़ती महंगाई से जोड़ना जायज नहीं है। माना कि परिस्थितियां कठिनाइयों से भरी हैं लेकिन स्थिति गंभीर नहीं है।


वित्त मंत्री के मुताबिक रेस्ट्रोपेक्टिव के रास्ते से टैक्स वसूली की पहल संसदीय नियमों के मुताबिक ही किया गया है। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का उल्लंघन नहीं किया है। ऐसे में विदेशी निवेशकों को कोई गलत संदेश जाने का सवाल नहीं है।


वित्त मंत्री का मानना है कि विदेशी निवेशकों को लुभाने के लिए विदहोल्डिंग टैक्स को 20 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी किया। लिहाजा पुरानी तारीखों से टैक्स वसूली से एफआईआई का भरोसा नहीं घटेगा। देश में जनवरी-फरवरी के दौरान एफडीआई निवेश बढ़ा है, जो अब तक का सबसे ज्यादा विदेशी पूंजी प्रवाह है। उम्मीद है कि आगे भी विदेशी निवेश में तेजी देखने को मिलेगी। विनिवेश के मोर्चे पर जो संभव था सरकार ने उसी ओर कदम उठाकर लक्ष्य तय किया है।


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