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सेबी ने म्युचुअल फंड कंपनियों को लताड़ा

विकल्प चुनने में निवेशकों को होने वाली परेशानी के लिए कंपनियों को फटकार।
अपडेटेड Apr 17, 2010 पर 16:01  |  स्रोत : Hindi.in.com

12 दिसंबर 2009


वार्ता


 


मुंबई। पूंजी बाजार नियामक प्रतिभूति एंव विनिमय बोर्ड (सेबी) ने विकल्प चुनने में निवेशकों को होने वाली परेशानी के लिए म्युचुअल फंड कंपनियों को कड़ी फटकार लगायी है।


 


सेबी ने कहा है कि निवेशकों को म्युचुअल फंडों का कारोबार करने वाले एजेंटो को बदलने या फिर सीधे कारोबार का विकल्प चुनने में खासी परेशानी उठानी पडती है। इंडियन म्युचुअल फंड एसोसिएशन (एएमएफआई) की ओर से जारी स्पष्ट दिशानिर्देशों के बावजूद कुछ संपदा प्रबंधक कंपनियां निवेशकों को विकल्प की इस सुविधा के लिए अपने मौजूदा एजेंटो से अनापत्ति प्रमाणपत्र लाने को कहती हैं जो तय नियमों के खिलाफ है।


 


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एएमएफआई के दिशानिर्देशों के मुताबिक एजेंट बदलने के लिए निवेशक की ओर से आवदेन ही काफी है लेकिन म्युचुअल फंड कंपनियां मनमानी कर रही हैं।


 


सेबी ने इन कंपनियों के नाम जारी परिपत्र में कहा है कि म्युचुअल फंड कारोबार में यह चलन सरासर गलत है और इस पर तत्कात प्रभाव से रोक लगनी चाहिए।


 


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सेबी ने इसके साथ ही म्युचुअल फंड कंपनियों को यह आदेश भी जारी किया है कि उन्हें निवेशकों से जुडे सभी दस्तावेज पिछले वर्ष दिसंबर में जारी उसके परिपत्र के मुताबिक अपने पास बनाए रखने होंगे न कि यह काम उनके एजेंटो का होगा। आदेश में आगे कहा गया है कि जब तक कंपनियां इस दिशा निर्देश का पालन नहीं करतीं, तब तक उनके एजेंटों को किसी तरह का कोई कमीशन, शुल्क (फीस) या फिर किसी तरह का भुगतान नहीं किया जाए।