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होम लोन के बारे में कुछ उपयोगी बातें

होम लोन देने के लिए बैंकों के बीच प्रतियोगिता पिछले कुछ समय से काफी बढ गयी है।
अपडेटेड Apr 19, 2010 पर 13:38  |  स्रोत : Hindi.in.com


सत्काम दिव्य

होम लोन देने के लिए बैंकों के बीच प्रतियोगिता पिछले कुछ समय से काफी बढ गयी है। एसबीआई और आईसीआईसीआई बैंक एक तरफ अपने गृह ऋण की दरें बढा रहे हैं वहीं एचडीएफसी और आईसीआईसी बैंक अपने पूर्वभुगतान (प्रीपेमेंट) पेनेल्टी को क्रमशः 2से 3% और 2.25% की दर से बढा रहे हैं।

आपके लिये इसका क्या अर्थ है ?

चलिये प्रीपेमेंट पर लगने वाले पेनेल्टी (दंड) के प्रभाव को एक उदाहरण से जानें। विनय ने फिक्सड रेट का एक लोन 11.75% की दर से लिया है। उसके ऋण का कुल मूल्य 10 लाख रूपये है और 14 वर्ष का समय अभी बाकि है। विनय को समय सीमा के भीतर अपना लोन चुकाने के लिये 12,156 रूपये की ईएमआई देनी होगी । साथ ही अगर वो अपना ऋण समय से पूर्व चुकाता है तो उसे 2 प्रतिशत की प्रीपेमेंट पेनेल्टी देनी होगी ।


अब अगर कोई दूसरा बैंक 8.75% की दर से गृह ऋण की पेशकश करता है तो क्या विनय को ये ऑफर ले लेना चाहिये

इस पर एक नजर डालें-


2 प्रतिशत पेनेल्टी = 20,000 रूपये
नये ऋण की ईएमआई = 10,343 रूपये
मासिक बचत =1,813 रूपये


अतः इसका लाभ ऋण चुकाने की समान समय सीमा में कम ईएमआई के रूप में सामने आयेगा।

विश्लेषण-


विनय को प्रीपेमेंट की पेनेल्टी देने के बजाय कहीं और से ऋण लेना ज्यादा फायदेमंद रहेगा, क्योंकि जो कीमत वो ऋण स्विच करने के बदले में देगा उसकी तुलना में उसकी मासिक बचत काफी ज्यादा होगी।

जब बैंक प्रीपेमेंट पेनेल्टी बढाते हैं तो क्या होता है(जैसे 3% की दर से) क्या स्विच करना लाभकारी होगा ये देखना चाहिये। हालांकि ये पेनेल्टी की ऊंची दर (अधिकांश मामलों में)नया ऋण लेने वालों पर लागू होती है। तो ऐसा स्थिति में मौजूदा ऋण धारकों कों ये देखना चाहिये कि उन्हें किस दर पर ऋण मिल रहा है ?

प्रीपेमेंट पेनेल्टी से कैसे निपटें ?

उन ऋण को वरीयता दीजिये जिनमें प्रीपेमेंट पेनेल्टी ना हो। क्योंकि सभी ऋणों पर इस तरह की पेनेल्टी नही होती। ज्यादातर फिक्सड दर वाले ऋण पर इस तरह की पेनेल्टी लगती है. जबकि परिवर्तनीय दरों वाले ऋण पर ये शर्तें नही होती।

निम्न दर-


कोई वक्त ऐसा होता है जब पेनेल्टी को टालना संभव नही होता। इस स्थिति को टालने का सर्वश्रेष्ठ तरीका यही है कि आप सबसे पहले वास्तविक प्रीपेमेंट पेनेल्टी दर को जांचें। जितनी कम ये दर होगी उतना ही आपके लिये बेहतर होगा।


हालांकि ऋण को स्विच करने का वास्तविक लाभ आपको नयी दरों के लागू होने के रूप में मिलता है। याद रखें- आपको ऋण की पूरी अवधि में मिलने वाले सम्पर्ण लाभ को ध्यान में रखना चाहिये न कि सिर्फ तात्कालिक प्रभाव को।


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