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चिंताजनक हालत में म्यूचुअल फंड इंडस्ट्रीः सेबी

सेबी ने इनसाइडर ट्रेडिंग के मुद्दे पर भी सख्त रूख अपना लिया है।
अपडेटेड Jun 21, 2012 पर 12:16  |  स्रोत : Moneycontrol.com

सेबी के चेयरमैन यू के सिन्हा का कहना है कि म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के हालात चिंताजनक बने हुए हैं। वैश्विक और घरेलू अर्थव्यवस्था मुश्किल दौर में है। हालांकि म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री को पटरी पर लाने के लिए इंडस्ट्री के सुझावों पर विचार जारी है। 18 म्यूचुअल फंड कंपनियों के 15-100 फीसदी फंड नुकसान में चल रहे हैं। इस परेशानी को दूर करने के लिए म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री ने सेबी को कुछ सुझाव भी दिए हैं।


यू के सिन्हा के मुताबिक म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री को स्कीमों के प्रदर्शन को बेहतर बनाना होगा। इसके अलावा राजीव गांधी स्कीम में म्यूचुअल फंडों के जरिए रिटेल निवेश के लिए सरकार से मंजूरी मांगी है।


म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के मुताबिक स्टॉक ब्रोकरों को म्यूचुअल फंड बेचने की इजाजत देनी चाहिए। म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर और एएमसी को एक चेक में भुगतान करने की शुरुआत करनी चाहिए। म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटरों के लिए नियम साफ करने की जरूरत है। म्यूचुअल फंड में एंट्री लोड की दोबारा शुरुआत की जाए।


इनसाइडर ट्रेडिंग के बढ़ते मामलों को देखते हुए सेबी ने सख्त रुख अपना लिया है। सेबी ने सरकार से फोन टैपिंग की इजाजत मांगी है। सेबी चेयरमैन यू के सिन्हा के मुताबिक कई बार सबूतों की कमी से चलते इनसाइडर ट्रेडिंग करने वाला आदमी या संस्थान छूट जाते हैं। उन्हीं पर पकड़ मजबूत करने के लिए सरकार से इजाजत मांग गई है।


यू के सिन्हा ने ये भी साफ किया कि सरकार अगर सेबी को फोन टैपिंग की इजाजत नहीं देती है तो कम से कम कॉल रिकॉर्ड्स हासिल करने की इजाजत मिलनी चाहिए। दूसरे देशों में मार्केट रेगुलेटर को शक होने पर फोन टैपिंग करने की इजाजत है।


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