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जानिए आईटी रिटर्न पर टैक्स गुरु की सलाह

प्रकाशित Sat, 14, 2012 पर 13:53  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

रिटर्न भरने की आखिरी तारिख करीब आ गई है ऐसे में छोटी बड़ी बाते आपको परेशान कर रही होगी और आपके मन में कई सवाल उठ रहे होंगे और इन्हीं सभी सवालों पर हल बताएंगे टैक्स गुरु सुभाष लखोटिया जी -


सवाल : 8 तरह के इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म है। उनमें से कौन-सा इनकम रिटर्न फॉर्म किस के लिए है?


सुभाष लखोटिया : कुल मिलाकर 8 तरह के इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म है।  हर करदाता के लिए अलग-अलग आईटीआर फॉर्म है।     

आईटीआर एस1 (सहज)
:
 जिनकी इनकम, सैलरी या पेंशन से है या जो एक ही प्रॉपर्टी के मालिक है और जिनकी अन्य स्रोतों से आय है, वहीं व्यक्ति ये फॉर्म भर सकते हैं। अगर विदेश में संपत्ति तो वो व्यक्ति ये फॉर्म नहीं भरें।


आईटीआर 2 : जिनकी इनकम बिजनेस या प्रोफेशन से  नहीं है ऐसे व्यक्ति और एचयूएफ ये फॉर्म भर सकते हैं। इसके अलावा जिनकी सैलरी, हाउस प्रॉपर्टी, कैपिटल गेन्स और दूसरे स्रोतों से इनकम वो इस फॉर्म का इस्तेमाल कर सकते हैं।


आईटीआर 3 : ऐसे व्यक्ति और एचयूएफ जो पार्टनर्स हों लेकिन प्रोपराइटरशिप बिजनेस या प्रोफेशन में नहीं है वो ये फॉर्म भर सकते हैं। जिस व्यक्ति की बिजनेस या प्रोफेशन से बतौर प्रोपराइटर इनकम हो वो ये फॉर्म नहीं भर सकते हैं। 


आईटीआर 4एस (सुगम) : जिनकी बिजनेस इनकम है और उनका असेसमेंट प्रिजम्पटिव बिजनेस सिस्टम के तहत सेक्शन 4एडी और 4एई के तहत हो ऐसे व्यक्ति और एचयूएफ आईटीआर 4एस फॉर्म भर सकते हैं।  
 
आईटीआर फॉर्म 4 : ये फॉर्म केवल इंडिव्युजअल और एचयूएफ के लिए है जिनकी प्रोपराइटरी बिजनेस या प्रोफेशन से इनकम है।


आईटीआर 5 : ये फॉर्म सिर्फ फर्म्स, एओपी, बीओआई आदि के लिए है।


आईटीआर 6 : ये फॉर्म सभी वर्ग के कॉरपोरेट्स कंपनियों के लिए है। लेकिन ध्यान रखें कि कॉरपोरेट सेक्टर को डिजिटल सिग्नेचर के साथ ई-रिटर्न भरना अनिवार्य होगा।


आईटीआर 7 : केवल चैरिटेबल ट्रस्ट, शिक्षा संस्थान आदि के लिए फॉर्म नं 7 होगा और वो सिर्फ पेपर फॉर्म में ही रिटर्न फाइल कर सकते हैं। 


सवाल : यूके से रकम अपने भारतीय सैलरी अकाउंट में भेजती हूं। बैंक ने टीडीएस काटा। रिटर्न कैसे भरें और रिफंड कैसे मिलेगा?


सुभाष लखोटिया : आप आईटीआर 1 यानि सहज फॉर्म में रिटर्न जमा करें और टीडीएस की पूरी जानकारी फॉर्म में दें। इस तरह आपको अपना पूरा रिफंड वापस मिलेगा। 


सवाल : विदेश में काम करता हूं। मां के साथ ज्वाइंट नाम से 20 लाख रुपये की एफडी की है। क्या मां को टैक्स देकर रिटर्न भरना होगा?    


सुभाष लखोटिया : अगर आपने मां को पैसे गिफ्ट दिए है और मां के नाम से एफडी बनवाई है तो आपको आपकी इनकम टैक्स रिटर्न में दिखलाना होगा। मां को कोई टैक्स या रिटर्न भरने की जरूरत नहीं होगी। लेकिन अगर सिर्फ निवेश मां के नाम से है तो ब्याज बेटे की इनकम में जोड़ा जाएगा। 


सवाल : ई-रिटर्न भरने की पूरी प्रक्रिया क्या है और क्या ई-रिटर्न भरना अनिवार्य है?  


सुभाष लखोटिया : सभी करदाताओं के लिए ई-रिटर्न भरना अनिवार्य नहीं है, लेकिन कुछ बदलाव जरूर हुए है। सभी वर्ग के इंडिव्युजअल और एचयूएफ जिनकी इनकम 10 लाख रुपये से ज्यादा है, उन्हें इस साल से ई-रिटर्न भरना जरूरी होगा। इंडिव्युजअल और एचयूएफ के लिए डिजिटल सिग्नेचर के साथ ई-रिटर्न भरना जरूरी नहीं होगा। हालांकि कंपनी, फर्म्स के लिए डिजिटल सिग्नेचर जरूरी है। ई-रिटर्न भरने से रिफंड जल्दी प्रोसेस होता है


सवाल : वित्त वर्ष 2011-12 में 2 कंपनी में नौकरी की। एक जगह 4 महीने काम किया लेकिन टैक्स नहीं कटा। अब टैक्स कैसे भरें? 


सुभाष लखोटिया : पहले आप दोनों कंपनियों की कुल तनख्याह जोड़कर टैक्स दें और फिर रिटर्न भरें। आपको दोनों कंपनियों की तनख्याह जोड़कर टैक्स देना है इसलिए आपको आईटीआर 2 फॉर्म भरना होगा।        


सवाल : मेरा फॉर्म नं 16 पूरा है और कंपनी ने भी टीडीएस काटा है। मैं ऑनलाइन रिटर्न भरने के लिए रजिस्ट्रेशन करने गया तो मुझे मैसेज आया कि आपका पहले ही रजिस्टर्ड हो चुका, जबकि मै पहली बार टैक्स भर रहा हूं। इसके लिए मैं क्या कर सकता हूं?   


सुभाष लखोटिया : आप incometaxindiaefiling.gov.in पर सारी जानकारी पा सकते हैं। आप टेलीफोन नं 080-26982000 पर आईटी ऑफिस में बात कर सकते हैं। साथ ही आप अपने लोकल आईटी विभाग के पीआरओ से भी मिलकर अपनी समस्या का समाधान पा सकते हैं।

सवाल : फॉर्म 10ई के तहत छूट खुद जोड़ लिया। कंपनी ने फॉर्म 16 में छूट नहीं दिखाई। अब ई-फाइलिंग में कैसे दिखाएं?


सुभाष लखोटिया : आपको फॉर्म 10ई कंपनी में जमा करना चाहिए। साथ ही पूरी जानकारी आईटीआर 1एस यानि सहज फॉर्म में दिखानी चाहिए और फिर आप रिटर्न भर सकते हैं।  


सवाल : कौन सी 3 अहम बाते है जो करदाताओं को रिटर्न के लिहाज से ध्यान में रखनी चाहिए?


सुभाष लखोटिया : करदाताओं को विदेश में संपत्ति की जानकारी शेड्यूल एफए में देना जरूरी होगा। साथ ही करदाताओं क्लबिंग ऑफ इनकम प्रावधान का ध्यान रखना होगा। करदाता सेविंग्स बैंक अकाउंट का ब्याज इनकम में जरूर जोड़ें और पत्नी, माइनर बच्चों की इनकम अपनी इनकम में जोड़ना चाहिए।  

सवाल : नौकरी के साथ ही शेयर में ट्रेड भी करते हैं। किस आईटीआर फॉर्म में रिटर्न भरें?


सुभाष लखोटिया : शेयर से शॉर्ट टर्म या लॉन्ग टर्म गेन होने पर आपको आईटीआर 2 फॉर्म में रिटर्न भरना होगा।


सवाल : 45000 रुपये पोस्ट ऑफिस स्कीम में निवेश किए। क्या रिटर्न भरते व वक्त्त इस पर छूट ले सकते हैं? 


सुभाष लखोटिया : अगर आपने पोस्ट ऑफिस के तहत एनएससी 8, इश्यू, एनएससी 9 या पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट में निवेश किया है तो आपको 80 सी के तहत टैक्स छूट मिलेगी। 



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