Moneycontrol » समाचार » म्यूचुअल फंड विश्लेषण

अपने बच्चे के भविष्य को कैसे बनाओगे सुरक्षित

बच्चे को सही राह दिखाना और उसके भविष्य को सुरक्षित करना माता-पिता का परम कर्तव्य है।
अपडेटेड Jul 30, 2012 पर 13:44  |  स्रोत : Moneycontrol.com

बच्चे के भविष्य को लेकर हर माता-पिता चिंतित रहते हैं। बच्चे को सही राह दिखाना और उसके भविष्य को सुरक्षित करना माता-पिता का परम कर्तव्य है। एविवा लाइफ इंश्योरेंस और आईएमआईबी के द्वारा हाल ही में कराए गए सर्वे के मुताबिक 72 फीसदी पालक अपने बच्चे के बेहतर भविष्य के लिए निवेश करना ज्यादा पसंद करते हैं, जबकि 47 फीसदी माता-पिता बच्चे की महंगी शिक्षा को लेकर चिंतित होते हैं और इसको लेकर ही प्लानिंग करते हैं। लेकिन मुंह फाड़ती महंगाई के इस दौर यह एक काफी चुनौतीपूर्ण होता है।


सर्वे में यह बात भी सामने आई है कि बच्चे का भविष्य को सुरक्षित करना हर माता-पिता का प्राथमिक लक्ष्य होता है। बच्चे की स्कूली शिक्षा की जिम्मेदारी और उसको एक ऐसी राह पकड़ना जहां से वह भविष्य के नए आयामों और ऊंचाइयों को छू सके, प्रत्येक माता-पिता का यही सपना और लक्ष्य होता है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस लक्ष्य को आखिरी कैसे आसानी से हासिल किया जाए, आखिर कैसे बच्चे को उच्च से उच्च शिक्षा दिलाई जाए ताकि उसका भविष्य सुरक्षित हो सके।


हर माता-पिता को अपने बच्चे अपने बच्चे के भविष्य के लिए शुरुआत से ही सोचना चाहिए, और इसपर भी विचार करना चाहिए की बच्चे की उम्र बढ़ने के साथ-साथ किन मौकों पर पैसे की गरज पड़ेगी। इसकी योजना पहले से ही बनाकर चलना चाहिए, ताकि जरूरत पड़ने पर इसकी आसानी से पूर्ति की जा सके।


बच्चे के भविष्य की नीति तैयार करते समय ध्यान रखने योग्य बातें-


जरूरतों को पहचाने-


बच्चे के भविष्य की प्लानिंग करते समय यह सबसे पहला कदम होता है कि आप अपने बच्चे की जरूरतों के बारे में समझें। आजकल बच्चे की स्कूली शिक्षा में ही काफी रकम लग जाती है, स्कूल फीस के अलावा, आवागमन के साधन(ट्रांसपोर्टटेशन), अतिरिक्त गतिविधियां इत्यादि जैसे खर्चों की पूर्ति का भी लक्ष्य तैयार करना चाहिए। वहीं बच्चे की शिक्षा के दौरान एक समय ऐसा भी आ जाता है कि जब घर के बजट के 60 फीसदी के बराबर का हिस्सा बच्चे की पढ़ाई में लग जाता है। वहीं लगातार महंगी होती शिक्षा, महंगाई दर में बढ़ोतरी जैसे मुद्दे पालक की परेशानियों को बढ़ावा देते हैं।


पर्याप्त सुरक्षा की रणनीति-


बच्चे के जन्म के साथ ही उसके भविष्य की प्लानिंग शुरू कर देनी चाहिए। इक्विटी, पीपीएफ जैसे निवेश के विकल्पों को चुनना चाहिए। जो लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न देने की क्षमता रखते हैं। ऐसे में लंबी अवधि के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए ऐसे विकल्पों में निवेश सबसे सुरक्षित होता है। शुरुआत से निवेश की तैयारी करनी चाहिए, ताकि जरूरत के समय यह काम आ सके।


निवेश के विकल्पों को देखें-


बाजार में निलेश के कई अच्छा मुनाफा देने वाले इंस्ट्रूमेंट मौजूदा हैं। कई मौकों पर इनको लेकर काफी असमंजस भर स्थिति भी पैदा हो जाती है कि निवेश के लिए कौन से विकल्प ज्यादा बेहतर और सुरक्षित होगा। कई बार यह समझ नहीं आता कि निवेश कहां करें। डेट एमएफ, पीपीएफ, गोल्ड और एफडी जैसे विकल्प बच्चे के भविष्य को सुरक्षित बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। लेकिन इसको विकट लेकट विकट परिस्थिति होती है कि निवेश किया किसमें जाए। ऐसे में निवेश के सभी प्रमुख विकल्पों में थोड़ा-थो़ड़ा रुझान रखें। ताकि किसी एक विकल्प के फंसकर आपके निवेश की बर्बादी ना हो।


वसीयतनामा लिखें-


अपने वसीयतनामें में अपनी इच्छाओं को पूरी तरह से लिखें, साथ ही उस समय यह ध्यान रखें कि आपके द्वारा किया गया निवेश और प्लानिंग का फायदा आपके बच्चे तक पहुंचे। वहीं वसीयत में विवाद जैसी किसी चीज की कोई गुंजाइंश नहीं रखनी चाहिए।


अपने बच्चे को पैसे की अहमियत समझाएं-


अपने बच्चे को पैसे कि अहमियत को समय-समय पर समझाते रहें। साथ ही निवेश के तरह-तरह के तरीकों के बारे में बताएं। इससे जब वह नौकरी की शुरुआत करेगा तो आत्मनिर्भर बनेगा। साथ ही आपके द्वारा बताए निवेश के तरीकों और पैसे की अहमियत उसको भविष्य की योजना बनाने में मदद करेगा।


नोट: इस लेख के लेखक जितेंद्र सोलंकी, जेएस फाइनेंशियल एडवाइजर्स के सीएफपी और संस्थापक हैं।