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टैक्स से जुड़ी अहम जानकारियां

प्रकाशित Fri, 31, 2012 पर 13:20  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स गुरू सुभाष लखोटिया के मुताबिक टैक्स चुकाना एक आर्थिक ही नहीं सामाजिक जिम्मेदारी भी है। इसके जरिए जो राजस्व हासिल होता है उसे सरकार जनता के लिए उपयोग करती है। टैक्स गुरू सुभाष लखोटिया ने टैक्स से जुडी कुछ अहम जानकारी दी जो सभी के काम आ सकती है।


सवालः सीनियर सिटीजन हैं और पेंशन और बैंक एफडी से आय आती है। क्या एडवांस टैक्स देना होगा?


सुभाष लखोटियाः इस साल से सीनियर सिटीजन के लिए नए नियम लागू कर दिए गए हैं। सेक्शन 207 में बदलाव के बाद सीमियर सिटीजन को कोई भी एडवांस टैक्स नहीं देना होगा। सिर्फ ये ध्यान रखना होगा कि आपकी बिजनेस इंकम नहीं होनी चाहिए।


सवालः वित्त वर्ष 2012-2013 के लिए रिटर्न भर दिया है। कैपिटल गेन लॉस रिटर्न में नहीं दिखाया है अब क्या करना चाहिए?


सुभाष लखोटियाः आप रिवाइज रिटर्न भरें और कैपिटल गेन का नुक्सान कैरी फॉर्वर्ड करने का फायदा लें।


सवालः 2010-2011 और 2012 का रिफंड नहीं मिला है। हमारा आईटी वॉर्ड बदल गया है, अब क्या करना चाहिए?


सुभाष लखोटियाः रिफंड के लिए नए आईटी वॉर्ड से संपर्क करें। पुराने वॉर्ड से रिकॉर्ड नए वॉर्ड में आ गए होंगे। असेसिंग अधिकारी को पत्र लिखर रिफंड मांगे। पत्र में सारी जानकारी दें कि कब का रिफंड चाहते हैं। नए आयकर अधिकारी को लिएख पत्र की जानकारी पुराने आयकर अधिकारी को भी लिखें। इस तरह आपको रिफंड पाने में किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी।


सवालः  एसेसमेंट इयर 2012-13 के रिटर्न में दूसरे स्त्रोत से आई आय को गलती से सैलरी इंकम में जोड़ दिया है। क्या रिवाइज रिटर्न भरना होगा?


सुभाष लखोटियाः आपने अपनी इंकम की जानकारी गलत भर दी है इसलिए आपको रिवाइज रिटर्न भरना ही सही रहेगा। सेक्शन 139(5) के तहत रिवाइज रिटर्न भरें। सैलरी इंकम को सैलरी के कॉलम में लिखें और अन्य स्त्रोत से आई आय को दूसरे कॉलम में लिखें। इस तरह आपकी गलती में सुधार हो सकता है।


सवालः दामाद और नाती को कुछ रकम उपहार में देने पर टैक्स देनदारी कैसे बनेगी और ये रकम किसी आय में जोड़ी जाएगी?


सुभाष लखोटियाः दामाद और नाबालिग बेटी को गिफ्ट दे सकते हैं। रिश्तेदार से उपहार की कोई सीमा नहीं है। दामाद के दिए उपहार से होने वाली आय उन्हीं की आय में जुड़ेगी। बच्चे को दिए उपहार से हुई आय सेक्शन 64 के तहत माता या पिता जिसकी आय ज्यादा हो उसकी आय में जुड़ेगी। आपके खुद के ऊपर टैक्स की देनदारी नहीं बनेगी।


सवालः अपने शेयर पत्नी को उपहार में देना चाहते हैं। टैक्स की देनदारी किस पर और कैसे बनेगी?


सुभाष लखोटियाः शेयर उपहार में देने पर कोई टैक्स नहीं देना होगा। हालांकि जब भी शेयर बेचे जाएंगे तो लॉन्ग टर्म गेन या शॉर्ट टर्म गेन जो भी लागू होगा उस पर टैक्स देना होगा। 1 साल से कम समय में शेयर बेचने पर शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन पति की आय में जुडे़गा। ऐसा क्लबिंग ऑफ इंकम के नियम के तहत होगा। अगर शेयर 1 साल रखने के बाद बेचे तो इस पर टैक्स की देनदारी नहीं बनेगी।


सवालः अमेरिका में रह रहा एनआरआई भारत में कितना निवेश कर सकता है? अमेरिका में उसकी टैक्स की देनदारी कैसे बनेगी?


सुभाष लखोटियाः एनआरआई निवेश से जुड़े नियम फेमा कानून के तहत आते हैं। इसके लिए आरबीआई के एक्सचेंज कंट्रोल डिपार्टमेंट से संपर्क करें। एनआरआई चल अचल संपत्ति में निवेश कर सकते हैं लेकिन फार्म हाउस और कृषि की जमीन में निवेश नहीं करें।


सवालः पीपीएफ से मिलने वाले ब्याज पर क्या टैक्स चुकाना होता है?


सुभाष लखोटियाः पीपीएफ यानि पब्लिक प्रोविडेंट फंड से मिलने वाला ब्याज पूरी तरह कर मुक्त होता है। इसी के चलते निवेश के लिए ये एक उत्तम विकल्प है।


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